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विधान — 3 लेख

विधान से सम्बन्धित 3 विस्तृत लेख — पूजा विधि, मंत्र, कथा और शास्त्रीय जानकारी।

श्राद्ध

षष्ठी श्राद्ध की विधि, फल और शास्त्र-नियम

षष्ठी श्राद्ध का धर्मशास्त्रीय स्वरूप, विधान, पञ्चबलि, अधिकारी और फलमीमांसा की विस्तृत जानकारी। जानिए पितृपक्ष आश्विन कृष्ण षष्ठी श्राद्ध का शास्त्रीय प्रमाण, नियम और गया श्राद्ध के विशिष्ट दृष्टान्त।

श्राद्ध

सप्तमी श्राद्ध की विधि, फल और सही मुहूर्त

सप्तमी श्राद्ध के शास्त्रोक्त स्वरूप, खगोलीय आधार, विधि-विधान और फलमीमांसा का अत्यंत गहन अध्ययन। गरुड़ पुराण एवं अन्य शास्त्रों के अनुसार पितृ पक्ष की सप्तमी तिथि के श्राद्ध का महत्व व लाभ।

श्राद्ध

प्रतिपदा श्राद्ध कैसे करें: विधि, मंत्र, फल

सनातन धर्मशास्त्रों के अनुसार प्रतिपदा श्राद्ध, मातामह श्राद्ध (दौहित्र श्राद्ध), और पितृ पक्ष के प्रथम दिन के शास्त्रीय विधान, विधि, फल एवं महात्म्य की संपूर्ण जानकारी।

विधान — सम्पूर्ण जानकारी

विधान से सम्बन्धित 3 विस्तृत लेख यहाँ उपलब्ध हैं। प्रत्येक लेख में शास्त्रीय प्रमाण, पूजा विधि, मंत्र, सामग्री और व्यावहारिक मार्गदर्शन दिया गया है। विधान के बारे में विस्तार से जानने के लिए किसी भी लेख पर क्लिक करें।

विषय को सही क्रम से पढ़ें

विधान को गहराई से समझने का तरीका

विधान विषय को समझने के लिए एक लेख पर्याप्त नहीं होता, क्योंकि अलग-अलग लेख उसके महत्व, विधि, संदर्भ और व्यवहारिक पक्ष को अलग कोण से खोलते हैं।

3 लेख वाले इस पेज पर सबसे अच्छा तरीका यह है कि पहले वही प्रविष्टियाँ पढ़ें जो आपके वर्तमान सवाल से सीधा संबंध रखती हैं, फिर उनसे जुड़े अगले लेख या प्रश्न खोलें ताकि आधी-अधूरी जानकारी के बजाय पूरा संदर्भ बने।

इस संग्रह को पढ़ते समय महत्व, विधि, समय, शास्त्रीय आधार और व्यवहारिक उपयोग जैसे पहलुओं को साथ में देखना चाहिए। यही तरीका किसी भी विषय को सतही जानकारी से आगे ले जाकर उपयोगी समझ में बदलता है।

शुरुआत उन लेख से करें जिनका शीर्षक आपके सवाल या उद्देश्य से सबसे अधिक मेल खाता है।

पढ़ते समय विधि, महत्व, समय और सावधानियों जैसे अलग-अलग पहलुओं को नोट करें, क्योंकि ये अक्सर अलग प्रविष्टियों में बँटे होते हैं।

अगर एक पेज से पूरा उत्तर न मिले, तो उसी संग्रह के अगले लेख या प्रश्न खोलकर संदर्भ पूरा करें।

विधान — 3 लेख