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4 दिसंबर 2025

4 दिसंबर 2025 — आज की तिथि, पर्व और प्रश्नोत्तर

4 दिसंबर 2025 का पंचांग, मुख्य पर्व और शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — एक स्थान पर।

पंचांग

तिथि
शुक्ल चतुर्दशी
नक्षत्र
कृत्तिका
योग
शिव
करण
वणिज
वार
गुरुवार
हिन्दू मास
मार्गशीर्ष
ऋतु
हेमन्त
सूर्योदय
06:59
सूर्यास्त
17:24

4 दिसंबर 2025 के लिए प्रश्नोत्तर

गुरु ग्रह मजबूत करने के गुरुवार उपाय?

विष्णु-लक्ष्मी पूजा, केला वृक्ष पूजा, 'ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः' 108, हल्दी/चना/पीला/पुस्तक दान, गुरुवार व्रत, पुखराज(ज्योतिषी), पीले वस्त्र। ज्ञान बांटें+दान=गुरु प्रसन्न।

हल्दी तिलक कब लगाना शुभ है

हल्दी तिलक गुरुवार को, मांगलिक कार्यों के आरंभ में, गणेश-लक्ष्मी पूजन में और विवाह-संस्कार में विशेष रूप से शुभ है। यह बृहस्पति ग्रह को बल देता है और मंगलाचरण का प्रतीक है।

गुरुवार को कौन से काम शुभ?

गुरुवार=बृहस्पति(ज्ञान/धन)। सबसे शुभ — विवाह, गृहप्रवेश, शिक्षा, पूजा, सोना खरीद, दान। सत्यनारायण कथा। कोई वर्जना नहीं।

गुरुवार को केले का दान क्यों करते हैं?

गुरुवार = बृहस्पति (गुरु) दिन। केला = पीला (गुरु का रंग) + विष्णु/बृहस्पति प्रतीक। विधि: पीले केले + 'ॐ बृहस्पतये नमः' + दान। लाभ: ज्ञान, सम्मान, संतान सुख, विवाह बाधा दूर।

शिव की पूजा में चतुर्दशी तिथि का क्या विशेष महत्व है?

चतुर्दशी = शिवरात्रि — शिव पूजा की सर्वश्रेष्ठ तिथि। शिव पुराण: इसी रात्रि ज्योतिर्लिंग प्रकट। चंद्र कला न्यूनतम = शिव शक्ति अधिकतम। कृष्ण पक्ष चतुर्दशी प्रत्येक मास = मासिक शिवरात्रि। महाशिवरात्रि सर्वोपरि।

शस्त्रहत पितरों का श्राद्ध कब होता है?

चतुर्दशी को।

हिंसक अकाल मृत्यु का श्राद्ध कब करें?

चतुर्दशी तिथि को।

चतुर्दशी और त्रयोदशी श्राद्ध में क्या अंतर है?

त्रयोदशी बाल/युवा; चतुर्दशी हिंसक मृत्यु।

अकाल मृत्यु का श्राद्ध किस दिन करें?

पितृ पक्ष की चतुर्दशी को।

अकाल मृत्यु का श्राद्ध एकादशी को होता है क्या?

नहीं, चतुर्दशी को।

दशमी को अकाल मृत्यु हो तो श्राद्ध कब करें?

चतुर्दशी को।

अकाल मृत्यु का श्राद्ध दशमी को होता है क्या?

नहीं, अकाल मृत्यु का श्राद्ध चतुर्दशी को।

अविधवा नवमी चतुर्दशी से अलग क्यों है?

अविधवा-त्व को विशेष पवित्र माना गया है।

चतुर्दशी श्राद्ध किनके लिए होता है?

अकाल और अप्राकृतिक मृत्यु वालों के लिए।

अकाल मृत्यु का श्राद्ध अष्टमी को होता है क्या?

नहीं, अकाल मृत्यु का श्राद्ध चतुर्दशी को।

अष्टका श्राद्ध किन महीनों में होता है?

मार्गशीर्ष, पौष, माघ और फाल्गुन में।

जल में डूबने से मृत्यु का श्राद्ध कब करें?

जल में डूबने से मृत्यु का श्राद्ध चतुर्दशी को करें।

अग्नि से मृत्यु का श्राद्ध कब करें?

अग्नि से मृत्यु का श्राद्ध चतुर्दशी को करें।

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पर्व-पञ्चांग

होली, दिवाली, नवरात्रि, एकादशी, पूर्णिमा — सभी पर्व।

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