विस्तृत उत्तर
हल्दी का तिलक हिंदू संस्कृति में अत्यंत शुभ माना गया है। यह एक पवित्र और प्राकृतिक पदार्थ है जिसका उपयोग धार्मिक और मांगलिक दोनों प्रसंगों में होता है।
हल्दी तिलक कब लगाएँ — गुरुवार को हल्दी तिलक विशेष रूप से शुभ माना जाता है क्योंकि गुरुवार का स्वामी बृहस्पति (गुरु) है और हल्दी का रंग पीला होने से यह बृहस्पति ग्रह का प्रिय पदार्थ है। जातक की कुंडली में बृहस्पति को बलशाली करने के लिए गुरुवार को हल्दी तिलक लाभकारी बताया गया है।
विशेष अवसर — गृहप्रवेश, विवाह, यज्ञोपवीत, जन्मदिन और किसी भी मांगलिक कार्य के आरंभ में हल्दी तिलक लगाना शुभ है। हल्दी को मंगल का प्रतीक माना जाता है — इसीलिए विवाह से पूर्व हल्दी उबटन और तिलक की परंपरा है।
गणेश और लक्ष्मी पूजन में हल्दी तिलक लगाने से विशेष कृपा प्राप्त होती है। विष्णु और बृहस्पति को हल्दी या केसर का तिलक अर्पित करना शास्त्र-सम्मत है।
स्वास्थ्य की दृष्टि से भी हल्दी में प्राकृतिक एंटीसेप्टिक और जीवाणुनाशक गुण हैं। माथे पर हल्दी लगाने से त्वचा की शुद्धि होती है।

