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31 जनवरी 2026

31 जनवरी 2026 — आज की तिथि, पर्व और प्रश्नोत्तर

31 जनवरी 2026 का पंचांग, मुख्य पर्व और शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — एक स्थान पर।

पंचांग

तिथि
शुक्ल त्रयोदशी
नक्षत्र
पुनर्वसु
योग
विष्कम्भ
करण
तैतिल
वार
शनिवार
हिन्दू मास
माघ
ऋतु
शिशिर
सूर्योदय
07:10
सूर्यास्त
17:59

31 जनवरी 2026 के लिए प्रश्नोत्तर

शनिवार को हनुमान जी को तेल-सिंदूर चढ़ाने का विधान?

कथा: हनुमान जी ने राम की आयु बढ़ाने पूरे शरीर पर सिंदूर लगाया। विधि: नारंगी सिंदूर+चमेली तेल, दाहिने कंधे का तिलक। मंगल/शनिवार। शनि ने वचन दिया — हनुमान भक्तों को कष्ट नहीं।

शनि शांति के लिए शनिवार उपाय?

पीपल तेल दीपक+परिक्रमा, 'ॐ शं शनैश्चराय' 108, तिल/तेल/लोहा/कंबल दान, छाया दान, कौवा रोटी, गरीब सेवा, शनि चालीसा। ईमानदारी+मेहनत+सेवा=सबसे बड़ा उपाय।

शनिवार को लोहे की चीजें खरीदना शुभ है या अशुभ?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनिवार को लोहा खरीदना अशुभ है — लोहा शनिदेव का कारक है। शनिवार को लोहे का दान करना शुभ है। बाध्यता में खरीदें तो तुरंत घर अंदर न लाएँ। इस विषय पर मत भिन्नता है।

त्रयोदशी श्राद्ध में गया का क्या महत्व है?

यह गया श्राद्ध जैसा फल देता है।

त्रयोदशी श्राद्ध से पितर कब तक तृप्त रहते हैं?

अनन्त काल तक तृप्ति बताई गई है।

महालय में पुत्रवता निषेध लागू होता है क्या?

नहीं, महालय में लागू नहीं।

पुत्रवान के लिए त्रयोदशी श्राद्ध कब वर्जित है?

सामान्य काम्य श्राद्ध में।

पुत्रवता निषेध क्या है?

पुत्रवान के सामान्य काम्य श्राद्ध का निषेध।

त्रयोदशी श्राद्ध में पंचबलि क्या है?

पांच अंशों को अन्न अर्पण।

त्रयोदशी श्राद्ध में देव तर्पण कैसे करें?

पूर्वमुख होकर।

त्रयोदशी श्राद्ध में उपवास क्यों?

शुद्धता और संयम के लिए।

त्रयोदशी श्राद्ध शाम को कर सकते हैं क्या?

नहीं, शाम को श्राद्ध वर्जित है।

त्रयोदशी श्राद्ध सुबह कर सकते हैं क्या?

नहीं, अपराह्न काल श्रेष्ठ है।

त्रयोदशी श्राद्ध में रोहिण मुहूर्त क्या है?

कुतप के बाद का शुभ श्राद्ध काल।

त्रयोदशी श्राद्ध में कुतप मुहूर्त क्या है?

श्राद्ध का श्रेष्ठ पितृ काल।

त्रयोदशी श्राद्ध में योगी को भोजन कराने का फल क्या है?

हजार ब्राह्मण भोजन से भी श्रेष्ठ।

त्रयोदशी श्राद्ध से ब्रह्मांड कैसे संतुलित होता है?

यह देव-पितृ शक्तियों को संतुष्ट करता है।

त्रयोदशी पर तिल जल का क्या फल है?

हजार वर्षों के श्राद्ध जैसा पुण्य।

सभी पर्व
पर्व-पञ्चांग

होली, दिवाली, नवरात्रि, एकादशी, पूर्णिमा — सभी पर्व।

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31 जनवरी 2026 — आज का पंचांग और प्रश्नोत्तर — 18 प्रश्न