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26 फरवरी 2026

26 फरवरी 2026 — आज की तिथि, पर्व और प्रश्नोत्तर

26 फरवरी 2026 का पंचांग, मुख्य पर्व और शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — एक स्थान पर।

पंचांग

तिथि
शुक्ल दशमी
नक्षत्र
मृगशिरा
योग
प्रीति
करण
तैतिल
वार
गुरुवार
हिन्दू मास
फाल्गुन
ऋतु
शिशिर
सूर्योदय
06:49
सूर्यास्त
18:19

26 फरवरी 2026 के लिए प्रश्नोत्तर

गुरु ग्रह मजबूत करने के गुरुवार उपाय?

विष्णु-लक्ष्मी पूजा, केला वृक्ष पूजा, 'ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः' 108, हल्दी/चना/पीला/पुस्तक दान, गुरुवार व्रत, पुखराज(ज्योतिषी), पीले वस्त्र। ज्ञान बांटें+दान=गुरु प्रसन्न।

हल्दी तिलक कब लगाना शुभ है

हल्दी तिलक गुरुवार को, मांगलिक कार्यों के आरंभ में, गणेश-लक्ष्मी पूजन में और विवाह-संस्कार में विशेष रूप से शुभ है। यह बृहस्पति ग्रह को बल देता है और मंगलाचरण का प्रतीक है।

गुरुवार को कौन से काम शुभ?

गुरुवार=बृहस्पति(ज्ञान/धन)। सबसे शुभ — विवाह, गृहप्रवेश, शिक्षा, पूजा, सोना खरीद, दान। सत्यनारायण कथा। कोई वर्जना नहीं।

दुर्गा विसर्जन की विधि क्या है और किस दिन करें?

विजयादशमी (दशमी)। अंतिम पूजा → क्षमा → सिंदूर खेला (बंगाल) → 'या देवी सर्वभूतेषु...' → शोभायात्रा → जल विसर्जन। 'अगले वर्ष फिर आना।' मिट्टी प्रतिमा = इको-फ्रेंडली।

गुरुवार को केले का दान क्यों करते हैं?

गुरुवार = बृहस्पति (गुरु) दिन। केला = पीला (गुरु का रंग) + विष्णु/बृहस्पति प्रतीक। विधि: पीले केले + 'ॐ बृहस्पतये नमः' + दान। लाभ: ज्ञान, सम्मान, संतान सुख, विवाह बाधा दूर।

दशमी श्राद्ध से संतान सुख कैसे मिलता है?

पितृ आशीर्वाद से।

दशमी श्राद्ध के बाद संकटा देवी दर्शन क्यों?

पितृ और कर्ता के संकट शमन के लिए।

दशमी श्राद्ध में काले तिल क्यों?

पितृ तर्पण के लिए अनिवार्य द्रव्य।

दशमी श्राद्ध सुबह कर सकते हैं क्या?

नहीं, अपराह्न में करना चाहिए।

दशमी श्राद्ध में कुतप मुहूर्त क्या है?

श्राद्ध का श्रेष्ठ पितृ काल।

दशमी श्राद्ध में अश्वमेध जैसा फल मिलता है क्या?

हाँ, गया में विशेष रूप से।

दशमी को गया में कहाँ पिण्डदान करें?

गयाशिर, गयाकूप और मुण्डपृष्ठ पर।

मुण्डपृष्ठ वेदी क्या है?

गया की दशमी पिण्डदान वेदी।

गया श्राद्ध में दशमी का क्या महत्व है?

दशमी को विशेष गया वेदियों पर पिण्डदान होता है।

दशमी श्राद्ध से कुल का उद्धार होता है क्या?

हाँ, कुल उद्धार का फल बताया गया है।

दशमी श्राद्ध से कर्ता को क्या फल मिलता है?

आयु, पुत्र, यश, धन और लक्ष्मी।

सुहागिन स्त्री का श्राद्ध दशमी को होता है क्या?

नहीं, सुहागिन स्त्री का श्राद्ध नवमी को।

अकाल मृत्यु का श्राद्ध दशमी को होता है क्या?

नहीं, अकाल मृत्यु का श्राद्ध चतुर्दशी को।

सभी पर्व
पर्व-पञ्चांग

होली, दिवाली, नवरात्रि, एकादशी, पूर्णिमा — सभी पर्व।

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