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12 मई 2026

12 मई 2026 — आज की तिथि, पर्व और प्रश्नोत्तर

12 मई 2026 का पंचांग, मुख्य पर्व और शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — एक स्थान पर।

पंचांग

तिथि
कृष्ण दशमी
नक्षत्र
पूर्वभाद्रपद
योग
वैधृति
करण
विष्टि
वार
मंगलवार
हिन्दू मास
ज्येष्ठ
ऋतु
ग्रीष्म
सूर्योदय
05:32
सूर्यास्त
19:03

12 मई 2026 के लिए प्रश्नोत्तर

मंगलवार को लाल कपड़ा बांधने से क्या लाभ होता है?

मंगलवार मंगल ग्रह और हनुमान जी का दिन है। लाल कपड़ा बाँधने/पहनने से मंगल दोष शांति, साहस वृद्धि, हनुमान कृपा और बुरी शक्तियों से रक्षा होती है। हनुमान जी को लाल चोला चढ़ाना विशेष शुभ है।

मंदिर में स्नान यात्रा क्या होती है?

ज्येष्ठ पूर्णिमा (पुरी) — 108 कलश अभिषेक (सार्वजनिक)। बाद: 15 दिन एकांत ('बीमार') → नव यौवन → रथ यात्रा! जगन्नाथ विशेष।

हनुमान अष्टक पाठ का सही समय

हनुमान अष्टक का पाठ संध्या काल या रात्रि के समय करना सर्वाधिक प्रभावशाली होता है। संकट के समय मंगलवार या शनिवार की रात इसका पाठ अचूक फल देता है।

दुर्गा विसर्जन की विधि क्या है और किस दिन करें?

विजयादशमी (दशमी)। अंतिम पूजा → क्षमा → सिंदूर खेला (बंगाल) → 'या देवी सर्वभूतेषु...' → शोभायात्रा → जल विसर्जन। 'अगले वर्ष फिर आना।' मिट्टी प्रतिमा = इको-फ्रेंडली।

मंगलवार को हनुमान जी की पूजा कैसे करें?

स्नान→लाल/केसरिया वस्त्र→दीपक (सरसों तेल)→सिंदूर+तेल→केसरिया चोला→गुड़-चने भोग→हनुमान चालीसा (1-7 बार)→बजरंग बाण→आरती→प्रसाद। 'ॐ हं हनुमते नमः' 108 बार। मांसाहार वर्जित।

दशमी श्राद्ध से संतान सुख कैसे मिलता है?

पितृ आशीर्वाद से।

दशमी श्राद्ध के बाद संकटा देवी दर्शन क्यों?

पितृ और कर्ता के संकट शमन के लिए।

दशमी श्राद्ध में काले तिल क्यों?

पितृ तर्पण के लिए अनिवार्य द्रव्य।

दशमी श्राद्ध सुबह कर सकते हैं क्या?

नहीं, अपराह्न में करना चाहिए।

दशमी श्राद्ध में कुतप मुहूर्त क्या है?

श्राद्ध का श्रेष्ठ पितृ काल।

दशमी श्राद्ध में अश्वमेध जैसा फल मिलता है क्या?

हाँ, गया में विशेष रूप से।

दशमी को गया में कहाँ पिण्डदान करें?

गयाशिर, गयाकूप और मुण्डपृष्ठ पर।

मुण्डपृष्ठ वेदी क्या है?

गया की दशमी पिण्डदान वेदी।

गया श्राद्ध में दशमी का क्या महत्व है?

दशमी को विशेष गया वेदियों पर पिण्डदान होता है।

दशमी श्राद्ध से कुल का उद्धार होता है क्या?

हाँ, कुल उद्धार का फल बताया गया है।

दशमी श्राद्ध से कर्ता को क्या फल मिलता है?

आयु, पुत्र, यश, धन और लक्ष्मी।

सुहागिन स्त्री का श्राद्ध दशमी को होता है क्या?

नहीं, सुहागिन स्त्री का श्राद्ध नवमी को।

अकाल मृत्यु का श्राद्ध दशमी को होता है क्या?

नहीं, अकाल मृत्यु का श्राद्ध चतुर्दशी को।

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पर्व-पञ्चांग

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