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8 अगस्त 2026

8 अगस्त 2026 — आज की तिथि, पर्व और प्रश्नोत्तर

8 अगस्त 2026 का पंचांग, मुख्य पर्व और शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — एक स्थान पर।

पंचांग

तिथि
कृष्ण दशमी
नक्षत्र
रोहिणी
योग
ध्रुव
करण
विष्टि
वार
शनिवार
हिन्दू मास
श्रावण
ऋतु
वर्षा
सूर्योदय
05:46
सूर्यास्त
19:07

8 अगस्त 2026 के लिए प्रश्नोत्तर

शनिवार को हनुमान जी को तेल-सिंदूर चढ़ाने का विधान?

कथा: हनुमान जी ने राम की आयु बढ़ाने पूरे शरीर पर सिंदूर लगाया। विधि: नारंगी सिंदूर+चमेली तेल, दाहिने कंधे का तिलक। मंगल/शनिवार। शनि ने वचन दिया — हनुमान भक्तों को कष्ट नहीं।

शनि शांति के लिए शनिवार उपाय?

पीपल तेल दीपक+परिक्रमा, 'ॐ शं शनैश्चराय' 108, तिल/तेल/लोहा/कंबल दान, छाया दान, कौवा रोटी, गरीब सेवा, शनि चालीसा। ईमानदारी+मेहनत+सेवा=सबसे बड़ा उपाय।

श्रावण मास में प्रतिदिन शिवलिंग पर जल चढ़ाने का नियम क्या है?

प्रातःकाल सर्वोत्तम। गंगाजल श्रेष्ठ, शुद्ध जल भी स्वीकार्य। तांबे/कांसे/मिट्टी के लोटे से (शंख वर्जित)। 'ॐ नमः शिवाय' जपते हुए। जलाधारी उत्तर दिशा। शिव पुराण: 'जलेन वृष्टिमाप्नोति' = धन प्राप्ति। केवल सोमवार नहीं, प्रतिदिन चढ़ाएं। निर्माल्य जल ग्रहण न करें।

शनिवार को लोहे की चीजें खरीदना शुभ है या अशुभ?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनिवार को लोहा खरीदना अशुभ है — लोहा शनिदेव का कारक है। शनिवार को लोहे का दान करना शुभ है। बाध्यता में खरीदें तो तुरंत घर अंदर न लाएँ। इस विषय पर मत भिन्नता है।

दुर्गा विसर्जन की विधि क्या है और किस दिन करें?

विजयादशमी (दशमी)। अंतिम पूजा → क्षमा → सिंदूर खेला (बंगाल) → 'या देवी सर्वभूतेषु...' → शोभायात्रा → जल विसर्जन। 'अगले वर्ष फिर आना।' मिट्टी प्रतिमा = इको-फ्रेंडली।

श्रावण मास में शिव मंत्र जप का अनुष्ठान कैसे करें?

संकल्प → सवा लाख (1,25,000) या यथाशक्ति → दैनिक ÷30 → ब्रह्ममुहूर्त/प्रदोष → रुद्राक्ष माला → सात्विक नियम → समापन: हवन+दान। सरल: 108/दिन पूरे सावन = ~3,240। 'ॐ नमः शिवाय' या महामृत्युंजय।

दशमी श्राद्ध से संतान सुख कैसे मिलता है?

पितृ आशीर्वाद से।

दशमी श्राद्ध के बाद संकटा देवी दर्शन क्यों?

पितृ और कर्ता के संकट शमन के लिए।

दशमी श्राद्ध में काले तिल क्यों?

पितृ तर्पण के लिए अनिवार्य द्रव्य।

दशमी श्राद्ध सुबह कर सकते हैं क्या?

नहीं, अपराह्न में करना चाहिए।

दशमी श्राद्ध में कुतप मुहूर्त क्या है?

श्राद्ध का श्रेष्ठ पितृ काल।

दशमी श्राद्ध में अश्वमेध जैसा फल मिलता है क्या?

हाँ, गया में विशेष रूप से।

दशमी को गया में कहाँ पिण्डदान करें?

गयाशिर, गयाकूप और मुण्डपृष्ठ पर।

मुण्डपृष्ठ वेदी क्या है?

गया की दशमी पिण्डदान वेदी।

गया श्राद्ध में दशमी का क्या महत्व है?

दशमी को विशेष गया वेदियों पर पिण्डदान होता है।

दशमी श्राद्ध से कुल का उद्धार होता है क्या?

हाँ, कुल उद्धार का फल बताया गया है।

दशमी श्राद्ध से कर्ता को क्या फल मिलता है?

आयु, पुत्र, यश, धन और लक्ष्मी।

सुहागिन स्त्री का श्राद्ध दशमी को होता है क्या?

नहीं, सुहागिन स्त्री का श्राद्ध नवमी को।

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पर्व-पञ्चांग

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