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20 सितंबर 2026

20 सितंबर 2026 — आज की तिथि, पर्व और प्रश्नोत्तर

20 सितंबर 2026 का पंचांग, मुख्य पर्व और शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — एक स्थान पर।

पंचांग

तिथि
शुक्ल नवमी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा
योग
सौभाग्य
करण
कौलव
वार
रविवार
हिन्दू मास
भाद्रपद
ऋतु
वर्षा
सूर्योदय
06:08
सूर्यास्त
18:20

20 सितंबर 2026 के लिए प्रश्नोत्तर

दुर्गा पूजा में सप्तमी अष्टमी नवमी का क्या विशेष महत्व है?

सप्तमी: नबपत्रिका, प्राण प्रतिष्ठा, नेत्रोन्मीलन। अष्टमी: संधि पूजा (108 दीपक), कुमारी पूजा = सर्वशक्तिशाली। नवमी: हवन/पूर्णाहुति, कन्या पूजन, वरदान।

नवरात्रि में कन्या पूजन की विधि और कितनी कन्याओं की पूजा करें?

9 कन्या सर्वोत्तम (नवदुर्गा)। 7/5/2+1/1 भी मान्य। आयु 2-10 वर्ष। विधि: चरण धोएं → तिलक → चुनरी+श्रृंगार → हलवा-पूरी-चना+खीर → दक्षिणा → प्रणाम। अष्टमी/नवमी।

देवी की पूजा में अष्टमी और नवमी का क्या विशेष महत्व है?

अष्टमी: देवी शक्ति सर्वोच्च, संधि पूजा, हवन, रक्तबीज वध। नवमी: कन्या पूजन (9=9 देवी), पूर्णाहुति, वरदान अध्याय। दोनों = नवरात्रि चरमोत्कर्ष — 2 दिन = 9 दिन फल।

मातंगी देवी की साधना से वाक् सिद्धि कैसे प्राप्त होती है?

नवमी महाविद्या — वाक्/कला देवी। बीज: 'ॐ ह्रीं ऐं भगवती मतंगेश्वरी श्रीं स्वाहा'। वाक् सिद्धि = सम्मोहक वाणी। कवि/वक्ता/गायक/कलाकार। गृहस्थ सुख सर्वोत्तम। हरा रंग।

रविवार को नमक क्यों नहीं देना चाहिए?

ज्योतिष के अनुसार रविवार सूर्य का दिन है और नमक सूर्य से जुड़ा है। रविवार को नमक देने से सूर्य कमजोर होता है — आत्मविश्वास में कमी और बरकत जाने की मान्यता है। यह लोक-मान्यता आधारित है।

दुर्गा पूजा में संधि पूजा क्या होती है और कब की जाती है?

अष्टमी-नवमी संधिकाल (~24-48 मिनट)। चंड-मुंड/शुम्भ-निशुम्भ वध क्षण। 108 दीपक + 108 पुष्प + बलिदान (प्रतीकात्मक)। नवरात्रि सबसे शक्तिशाली पूजा।

सुहागिन स्त्री का श्राद्ध किस दिन करें?

मातृ नवमी को।

नवमी श्राद्ध न करने से क्या होता है?

मातृ-दोष और बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं।

नवमी श्राद्ध से पितृ दोष मिटता है क्या?

हाँ, पितृ दोष शांति में सहायक है।

नवमी श्राद्ध में कौन से पिण्ड चढ़ते हैं?

मातृ-पितरों के पिण्ड।

नवमी श्राद्ध में तर्पण कैसे करें?

तिल-कुश-जल से दक्षिणमुख तर्पण।

नवमी श्राद्ध में श्राद्धकर्ता कैसे बैठे?

कुशा, रेशम या ऊन के आसन पर।

नवमी श्राद्ध का अधिकारी कौन है?

पुत्र सहित योग्य परिजन।

कन्या की मृत्यु पर नवमी श्राद्ध होता है क्या?

अविवाहित कन्या के लिए सामान्यतः नहीं।

अविधवा स्त्री की अकाल मृत्यु हो तो श्राद्ध कब?

अविधवा नवमी को।

अविधवा का अर्थ क्या है?

पति के जीवित रहते दिवंगत सुहागिन स्त्री।

नवमी श्राद्ध में दादी का श्राद्ध होता है क्या?

हाँ, दादी का श्राद्ध नवमी पर हो सकता है।

नवमी तिथि शक्ति से कैसे जुड़ी है?

नवमी दैवी स्त्री शक्ति का प्रतीक है।

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