ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
अर्थ

वेदांत का अर्थ(3)

वेदांत का अर्थवेदांत क्या है?वेदांत का महत्व
सरल उत्तर

इसका अर्थ है कि एक परम चेतना अनेक रूपों में प्रकट होना चाहती है।

स्रोत प्रश्न: एकोऽहं बहुस्याम का अर्थ क्या है? →
लोक

एकोऽहं बहुस्याम का अर्थ क्या है?

इसका अर्थ है कि एक परम चेतना अनेक रूपों में प्रकट होना चाहती है।

#एकोऽहं बहुस्याम#सृष्टि#वेदांत
दक्षिणामूर्ति साधना

अहं ब्रह्मास्मि का मतलब क्या है?

'अहं ब्रह्मास्मि' का अर्थ है 'मैं ही ब्रह्म हूँ', जो जीव और ब्रह्म की एकता को बताता है।

#अहं ब्रह्मास्मि#वेदांत#महावाक्य
हिंदू दर्शन

सच्चिदानंद का अर्थ क्या है

सच्चिदानंद = सत् (शाश्वत अस्तित्व) + चित् (शुद्ध चेतना/ज्ञान) + आनंद (परम सुख)। यह ब्रह्म और आत्मा का स्वरूप है। तैत्तिरीय उपनिषद — 'सत्यं ज्ञानमनन्तं ब्रह्म'। सरल अर्थ: मैं हूं + मैं जानता हूं + मैं आनंदित हूं = आत्मा का मूल स्वभाव।

#सच्चिदानंद#ब्रह्म#वेदांत
और अर्थ
अन्य शब्दों के अर्थ

सनातन धर्म के सभी प्रमुख शब्दों के अर्थ।

वेदांत टैग
वेदांत पर सम्पूर्ण संग्रह

सभी वेदांत सम्बन्धित प्रश्नोत्तर एक स्थान पर।