यमब्रह्मचर्य का अर्थ क्या है?यतियों, ब्रह्मचारियों और पत्नीरहित संन्यासियों के लिये मन, वचन और कर्म से मैथुन में प्रवृत्ति न रखना ब्रह्मचर्य है।#ब्रह्मचर्य#यति#ब्रह्मचारी
यमयोग में यम का मतलब क्या है?तप में प्रवृत्ति और विषय-भोगों से निवृत्ति को यम कहा गया है। अहिंसा इसका पहला हेतु है।#यम#तप#विषय निवृत्ति
शंकर नामनीललोहित नाम का अर्थ क्या है?नीला कण्ठ और लाल देह होने के कारण शिवजी नीललोहित कहलाते हैं।#नीललोहित#नीला कण्ठ#लाल देह
शंकर नामपिनाकी नाम का अर्थ क्या है?पिनाक नामक धनुष धारण करने के कारण शिवजी पिनाकी कहलाते हैं।#पिनाकी#पिनाक#धनुष
शंकर नामशंकर नाम का अर्थ क्या है?शंकर नाम का अर्थ कल्याण करने वाला बताया गया है।#शंकर#नाम अर्थ#कल्याण
अविद्यातम, मोह, महामोह, तामिस्र और अन्धतामिस्र का अर्थ क्या है?तम का अर्थ अज्ञान, महामोह का अर्थ भोगेच्छा, तामिस्र का अर्थ क्रोध और अन्धतामिस्र का अर्थ अभिनिवेश बताया गया है।#तम#मोह#महामोह
पाशुपत तत्त्वपशु और पाश का अर्थ किस विषय में बताया गया है?पशु को जीव और पाश को बन्धन मानकर उनकी मीमांसा का विषय बताया गया है।#पशु#जीव#पाश