की चेकलिस्ट
शांत भाव: सबसे शांत-स्थिर भक्ति — तीव्र भावना रहित। 5 रसों में प्रथम+आधार। ईश्वर=निर्गुण ब्रह्म। भक्त=शांत-समभावी। गहन शांति+तृप्ति+समत्व। शुकदेव/चार कुमार/शंकराचार्य। 'आप हैं — बस।' ध्यान-प्रधान। 'अहं ब्रह्मास्मि'/'तत्त्वमसि'=मंत्र।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।