दीपावली पर लक्ष्मी पूजा कैसे करें?
की चेकलिस्ट
दीपावली पर स्थिर लग्न में प्रदोष काल में लक्ष्मी-गणेश की पूजा करें। घर साफ करें, रंगोली बनाएं, 16 दीप जलाएं, श्री सूक्त पाठ करें, 'ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः' का 108 बार जप करें और कुबेर पूजन भी करें।
- 1धनतेरस (त्रयोदशी): धनवंतरि और यम पूजन; नए बर्तन, सोना खरीदें
- 2नरक चतुर्दशी (छोटी दीपावली): काली/यम पूजन, अभ्यंग स्नान
- 3दीपावली (अमावस्या): महालक्ष्मी पूजन — मुख्य पर्व
- 4गोवर्धन पूजा (प्रतिपदा): कृष्ण/इंद्र पूजन
- 5भाई दूज (द्वितीया): यम-यमुना पूजन
- 6घर की पूर्ण सफाई करें — लक्ष्मी जी स्वच्छता में वास करती हैं
- 7घर के मुख्य द्वार पर रंगोली बनाएं
- 8द्वार पर आम के पत्तों की तोरण (वंदनवार) लगाएं
- 9पूरे घर में दीप जलाएं
- 10स्नान और स्वच्छ वस्त्र: लाल या पीले वस्त्र पहनें
- 11कलश स्थापना: तांबे के कलश में जल भरें, आम पत्ते और नारियल रखें
- 12लक्ष्मी-गणेश स्थापना: लक्ष्मी के साथ गणेश जी की प्रतिमा अवश्य रखें — गणेश जी विघ्न हरते हैं
- 13पंचामृत स्नान: दूध, दही, घी, शहद, शक्कर
- 14वस्त्र, आभूषण, सिंदूर: देवी को सुसज्जित करें
- 15पुष्प: कमल, गुलाब, बेला
- 1616 दीप: देवी के चारों ओर 16 घी के दीप जलाएं
- 17श्री सूक्त पाठ: पूरी 16 ऋचाएं पढ़ें
- 18मंत्र जप: 'ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः' — 108 बार
- 19कुबेर पूजन: लक्ष्मी जी के साथ कुबेर जी की भी पूजा करें — 'ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं श्रीं कुबेराय अष्टलक्ष्म्यै धनं देहि पापात् त्राहि स्वाहा'
- 20आरती और प्रसाद:
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