कल्कि अवतार कलियुग के अंतिम चरण में आएंगे — अभी कलियुग के ~5,128 वर्ष बीते हैं, कुल 4,32,000 हैं। कल्कि पुराण: शम्भल ग्राम में जन्म, पिता विष्णुयश, सफेद अश्व पर, अधर्म नाश। यह अभी लाखों वर्ष दूर है।
- 1भागवत पुराण (12.2) और कल्कि पुराण के अनुसार कलियुग की अवधि 4,32,000 वर्ष है।
- 2कलियुग का प्रारंभ लगभग 3102 ई.पू. (श्रीकृष्ण के स्वर्गारोहण के बाद) माना जाता है।
- 3अभी कलियुग के लगभग 5,128 वर्ष ही बीते हैं — अतः कल्कि अवतार अभी लाखों वर्ष दूर है।
- 4कल्कि अवतार कलियुग के अंतिम चरण में आएंगे जब अधर्म चरम पर होगा।
- 5जन्मस्थान: शम्भल ग्राम (कुछ विद्वान इसे वर्तमान उत्तर प्रदेश या मध्य प्रदेश में मानते हैं, पर यह विवादित है)।
- 6पिता: विष्णुयश नामक ब्राह्मण।
- 7माता: सुमति।
- 8गुरु: परशुराम (जो चिरंजीवी हैं)।
- 9स्वरूप: सफेद घोड़े पर सवार, हाथ में तलवार, धर्म की स्थापना करेंगे।
- 10म्लेच्छों और अधर्मियों का संहार करेंगे।
- 11उनके आने से सतयुग का पुनः प्रारंभ होगा।