विस्तृत उत्तर
कल्कि अवतार भगवान विष्णु का दसवाँ और अंतिम अवतार है जो कलियुग के अंत में प्रकट होंगे।
कब आएंगे
- ▸भागवत पुराण (12.2) और कल्कि पुराण के अनुसार कलियुग की अवधि 4,32,000 वर्ष है।
- ▸कलियुग का प्रारंभ लगभग 3102 ई.पू. (श्रीकृष्ण के स्वर्गारोहण के बाद) माना जाता है।
- ▸अभी कलियुग के लगभग 5,128 वर्ष ही बीते हैं — अतः कल्कि अवतार अभी लाखों वर्ष दूर है।
- ▸कल्कि अवतार कलियुग के अंतिम चरण में आएंगे जब अधर्म चरम पर होगा।
कल्कि पुराण के अनुसार पहचान
- ▸जन्मस्थान: शम्भल ग्राम (कुछ विद्वान इसे वर्तमान उत्तर प्रदेश या मध्य प्रदेश में मानते हैं, पर यह विवादित है)।
- ▸पिता: विष्णुयश नामक ब्राह्मण।
- ▸माता: सुमति।
- ▸गुरु: परशुराम (जो चिरंजीवी हैं)।
- ▸स्वरूप: सफेद घोड़े पर सवार, हाथ में तलवार, धर्म की स्थापना करेंगे।
- ▸म्लेच्छों और अधर्मियों का संहार करेंगे।
- ▸उनके आने से सतयुग का पुनः प्रारंभ होगा।
महत्वपूर्ण सावधानी: वर्तमान में कई लोग स्वयं को कल्कि अवतार घोषित करते हैं — शास्त्रों के अनुसार कलियुग अभी अपने प्रारंभिक चरण में है, कल्कि अवतार का समय अभी लाखों वर्ष दूर है। किसी भी व्यक्ति के इस दावे पर विश्वास न करें।





