ग्रह-अनुसार मंत्र, वार, और पुष्प: सूर्य (रविवार, लाल), चंद्र (सोमवार, सफेद), शनि (शनिवार, तिल)। व्यक्तिगत ग्रह-शांति: कुंडली में दोषकारक ग्रह का पुरश्चरण। सम्पूर्ण नवग्रह: प्रत्येक का 108 जप एक बैठक में। कुंडली-विश्लेषण के बिना ग्रह-साधना अनुचित।
- 1सूर्य: 'ॐ हां ह्रीं हौं सः सूर्याय नमः' — रविवार, लाल पुष्प
- 2चंद्र: 'ॐ सों सोमाय नमः' — सोमवार, सफेद पुष्प, दूध
- 3मंगल: 'ॐ अं अंगारकाय नमः' — मंगलवार, लाल पुष्प
- 4बुध: 'ॐ बुं बुधाय नमः' — बुधवार, हरे पुष्प
- 5बृहस्पति: 'ॐ बृं बृहस्पतये नमः' — गुरुवार, पीले पुष्प
- 6शुक्र: 'ॐ शुं शुक्राय नमः' — शुक्रवार, सफेद/क्रीम पुष्प
- 7शनि: 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' — शनिवार, नीले/काले पुष्प, तिल
- 8राहु: 'ॐ रां राहवे नमः' — शनिवार, नीले पुष्प
- 9केतु: 'ॐ कें केतवे नमः' — मंगलवार, मिश्रित पुष्प