का सरल उत्तर
ग्रह-अनुसार मंत्र, वार, और पुष्प: सूर्य (रविवार, लाल), चंद्र (सोमवार, सफेद), शनि (शनिवार, तिल)। व्यक्तिगत ग्रह-शांति: कुंडली में दोषकारक ग्रह का पुरश्चरण। सम्पूर्ण नवग्रह: प्रत्येक का 108 जप एक बैठक में। कुंडली-विश्लेषण के बिना ग्रह-साधना अनुचित।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।