न=पृथ्वी, मः=जल, शि=अग्नि, वा=वायु, य=आकाश — पांच अक्षर पंचमहाभूतों और शिव के पंचकृत्यों (सृष्टि-स्थिति-संहार-तिरोभाव-अनुग्रह) का प्रतीक। शिव पुराण में महामंत्र। शंकराचार्य का पंचाक्षर स्तोत्र इसी पर आधारित।
- 1'न' (Na) — पृथ्वी तत्व — नाभि चक्र (मणिपुर) से जुड़ा। ब्रह्मा की शक्ति। शरीर और भौतिक जगत।
- 2'मः' (Ma) — जल तत्व — स्वाधिष्ठान चक्र से जुड़ा। विष्णु की शक्ति। जीवन और पालन।
- 3'शि' (Shi) — अग्नि तत्व — अनाहत (हृदय) चक्र से जुड़ा। रुद्र (शिव) की शक्ति। संहार और परिवर्तन।
- 4'वा' (Va) — वायु तत्व — विशुद्धि (कंठ) चक्र से जुड़ा। महेश्वर की शक्ति। गति और प्राण।
- 5'य' (Ya) — आकाश तत्व — आज्ञा (तीसरा नेत्र) चक्र से जुड़ा। सदाशिव की शक्ति। चेतना और अनंतता।