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चेकलिस्ट

पार्वतीजी की तपस्या कितनी कठोर थी — क्या-क्या त्यागा?

की चेकलिस्ट

क्रमशः — (1) 1000 वर्ष कन्दमूल-फल, (2) 100 वर्ष केवल साग, (3) कुछ दिन जल-वायु फिर उपवास, (4) 3000 वर्ष केवल सूखे बेलपत्र, (5) पत्ते भी छोड़े — तब 'अपर्णा' नाम पड़ा। शरीर क्षीण हुआ तब ब्रह्मवाणी हुई — 'अब मिलिहहिं त्रिपुरारि' — शिवजी मिलेंगे।

  1. 1पहले एक हज़ार वर्षतक केवल कन्दमूल और फल खाये — 'संबत सहस मूल फल खाए। सागु खाइ सत बरष गवाँए॥'
  2. 2फिर सौ वर्ष केवल साग खाकर बिताये।
  3. 3फिर कुछ दिन केवल जल और वायुका भोजन किया, फिर कठोर उपवास किये — 'कछु दिन भोजनु बारि बतासा। किए कठिन कछु दिन उपबासा॥'
  4. 4फिर तीन हज़ार वर्ष तक केवल सूखे बेलपत्र खाये जो पृथ्वीपर गिरते थे — 'बेल पाती महि परइ सुखाई। तीनि सहस संबत सोइ खाई॥'
  5. 5अन्त में सूखे पत्ते (पर्ण) भी छोड़ दिये — 'पुनि परिहरे सुखानेउ परना। उमहि नामु तब भयउ अपरना॥'
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रामचरितमानस — बालकाण्ड

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