की चेकलिस्ट
स्कंद पुराण के अनुसार इसके दर्शन और आराधना से 'सौ गायों के दान' (शत-गोदान) के समान पुण्य प्राप्त होता है। साधक लौकिक सुख भोगकर अंततः सोमलोक (चंद्रलोक) के सर्वोच्च आनंद को प्राप्त करता है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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