ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
चेकलिस्ट

तंत्र शास्त्र साधकों को कितने भावों में वर्गीकृत करता है?

की चेकलिस्ट

तंत्र शास्त्र साधकों को तीन भावों में वर्गीकृत करता है: (1) पशु-भाव — बंधनों में जकड़ा, (2) वीर-भाव — भय का सीधा सामना करने वाला, (3) दिव्य-भाव — दिव्यता-प्रेम-करुणा में स्थित।

  1. 1पशु-भाव: वह अवस्था जिसमें व्यक्ति सामाजिक नियमों, भय, लज्जा और घृणा जैसे बंधनों (पाश) में जकड़ा रहता है।
  2. 2वीर-भाव: वह साधक जिसमें अपने भीतर के अंधकार, भय, कामनाओं और घृणा का सीधे सामना करने का साहस होता है।
  3. 3दिव्य-भाव: वह अवस्था जब साधक समस्त संघर्षों से पार होकर सहज ही दिव्यता, प्रेम और करुणा में स्थित हो जाता है।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें

मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।

श्रेणी
तांत्रिक विश्व दृष्टि और तीन भाव

इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।