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चेकलिस्ट

तंत्र में न्यास क्रिया का क्या उद्देश्य है?

की चेकलिस्ट

न्यास = शरीर में देवता/मंत्र स्थापना। उद्देश्य: शरीर=मंदिर ('देहो देवालयः'), देवता तादात्म्य ('सारुप्यं याति'), शुद्धि, सुरक्षा कवच, एकाग्रता। 16+ प्रकार। विस्तृत: Q642 देखें।

  1. 1शरीर = मंदिर बनाना: न्यास द्वारा साधक का शरीर देवता का मंदिर बन जाता है — 'देहो देवालयः प्रोक्तः' (शरीर = देवालय)।
  2. 2देवता से तादात्म्य: 'कृतेनयेन देवस्य सारुप्यं याति मानवः' — न्यास से मनुष्य देवता का रूप प्राप्त करता है।
  3. 3शरीर शुद्धि: विभिन्न अंगों की ऊर्जा शुद्ध और सक्रिय।
  4. 4सुरक्षा कवच: न्यास = कवच — नकारात्मक शक्तियों से रक्षा।
  5. 5एकाग्रता: प्रत्येक अंग पर मंत्र + स्पर्श = मन शरीर में स्थिर।
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तंत्र शास्त्र

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