का सरल उत्तर
न्यास = शरीर में देवता/मंत्र स्थापना। उद्देश्य: शरीर=मंदिर ('देहो देवालयः'), देवता तादात्म्य ('सारुप्यं याति'), शुद्धि, सुरक्षा कवच, एकाग्रता। 16+ प्रकार। विस्तृत: Q642 देखें।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।