माता सरस्वती / सरस्वती स्तोत्र स्तोत्र मंत्र
या कुन्देन्दु तुषारहार धवला या शुभ्रवस्त्रावृता। या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना।। या ब्रह्माच्युतशंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता। सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा।। 28
अज्ञानता का नाश, तीव्र बुद्धि व विद्या की प्राप्ति, और परीक्षा व प्रतियोगिताओं में सफलता 28।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
अज्ञानता का नाश, तीव्र बुद्धि व विद्या की प्राप्ति, और परीक्षा व प्रतियोगिताओं में सफलता 28।
इस मंत्र से क्या होगा?
अज्ञानता का नाश, तीव्र बुद्धि व विद्या की प्राप्ति, और परीक्षा व प्रतियोगिताओं में सफलता
जाप विधि
सूर्योदय से पूर्व स्नानादि कर श्वेत वस्त्र धारण करें। श्वेत आसन पर बैठकर स्फटिक की माला से जप करें 28।
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ॐ
bhakti mantraॐ श्री कृष्णाय नमः
mool mantraॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्राय नमः
tantrik mantraॐ क्षं कृष्ण वाससे, सिंह वदने, महा वदने, महा भैरवि, सर्व शत्रु कर्म विध्वंसिनि, परमंत्र छेदिनि, सर्व भूत दमनि, सर्व भूतां बंध बंध, सर्व विघ्नान् छिन्दि छिन्दि, सर्व व्याधिं निकृंत निकृंत, सर्व दुष्टान् पक्ष पक्ष, ज्वाल जिव्हे, कराल वक्त्रे, कराल दंष्ट्रे, प्रत्यंगिरे ह्रीं स्वाहा
vaidik mantraॐ समानी व आकूतिः समाना हृदयानि वः । समानमस्तु वो मनो यथा वः सुसहासति ॥
jap mantraॐ ऐं महासरस्वत्यै नमः