भगवान राम (मूल मंत्र) मूल मंत्र
ॐ श्री रामाय नमः
उत्कृष्ट चरित्र निर्माण, सर्वकार्य सिद्धि, अज्ञात भय का नाश एवं भगवान श्री राम की अहैतुकी कृपा व सुरक्षा की प्राप्ति 1।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
उत्कृष्ट चरित्र निर्माण, सर्वकार्य सिद्धि, अज्ञात भय का नाश एवं भगवान श्री राम की अहैतुकी कृपा व सुरक्षा की प्राप्ति 1।
इस मंत्र से क्या होगा?
उत्कृष्ट चरित्र निर्माण, सर्वकार्य सिद्धि, अज्ञात भय का नाश एवं भगवान श्री राम की अहैतुकी कृपा व सुरक्षा की प्राप्ति
जाप विधि
प्रातःकाल कुशा या ऊनी आसन पर बैठकर पूर्व दिशा की ओर मुख कर तुलसी की माला से जप करें 1।
विशेष टिप्पणियाँ
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न विद्यते यस्य न जन्म कर्म वा न नाम रूपे गुणदोष एव वा । तथापि लोकाप्ययसम्भवाय यः स्वमायया तान्यनुकालमृच्छति ॥ 4
ugra mantraॐ धूं धूं धूं धूमावती माम रक्ष रक्ष शीघ्रम शीघ्रमाच्छा गच्छ क्षिप्रमेव आरोग्यम कुरु कुरु हुम फट धूम धूम धूमावती स्वाहा
sabar mantraॐ नमो काली कंकाली पीती भर भर रक्त प्याली चाम की गठड़ी हाड़ की माला भजो आनंद सुंदरी बाला भरपूर वसन कर ले उठाई काम क्रोध कलिका माई लेके अपनी भेंट कड़ाई अमुक की छाती घात चलाई घाट में मरघट कालिका आई कालिका ने अमुक की कच्ची कलेजी खाई न खाई तो कीनाराम औघड़ की दुहाई 12
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