केतु नवग्रह मंत्र
ॐ ह्रीं क्रूं क्रूररूपिणे केतवे ऐं सौः स्वाहा॥
अतीन्द्रिय शक्तियों का विकास, गुप्त तांत्रिक विद्याओं में पूर्णता, पूर्व जन्म के शाप (Karmic curses) व ऋण से त्वरित मुक्ति और केतु की अत्यंत क्रूर ग्रहीय ऊर्जा के शमन हेतु। 8
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
अतीन्द्रिय शक्तियों का विकास, गुप्त तांत्रिक विद्याओं में पूर्णता, पूर्व जन्म के शाप (Karmic curses) व ऋण से त्वरित मुक्ति और केतु की अत्यंत क्रूर ग्रहीय ऊर्जा के शमन हेतु। 8
इस मंत्र से क्या होगा?
अतीन्द्रिय शक्तियों का विकास, गुप्त तांत्रिक विद्याओं में पूर्णता, पूर्व जन्म के शाप (Karmic curses) व ऋण से त्वरित मुक्ति और केतु की अत्यंत क्रूर ग्रहीय ऊर्जा के शमन हेतु
जाप विधि
रात्रि काल में भगवान कालभैरव या छिन्नमस्ता देवी की आराधना के साथ अष्टधातु या भोजपत्र पर निर्मित केतु यंत्र के समक्ष रुद्राक्ष माला से जप। 8
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