बाला त्रिपुर सुन्दरी तांत्रिक तांत्रिक मंत्र
ऐं क्लीं सौः
वाक्-सिद्धि, कुण्डलिनी जागरण, कामराज आकर्षण के माध्यम से सर्वजन वशीकरण और भौतिक कामनाओं की त्वरित पूर्ति 13।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
वाक्-सिद्धि, कुण्डलिनी जागरण, कामराज आकर्षण के माध्यम से सर्वजन वशीकरण और भौतिक कामनाओं की त्वरित पूर्ति 13।
इस मंत्र से क्या होगा?
वाक्-सिद्धि, कुण्डलिनी जागरण, कामराज आकर्षण के माध्यम से सर्वजन वशीकरण और भौतिक कामनाओं की त्वरित पूर्ति
जाप विधि
श्री विद्या परंपरा में गुरु से विधिवत दीक्षा प्राप्त करने के उपरांत श्रीयंत्र के सम्मुख पूर्ण स्पष्ट उच्चारण के साथ मानसिक अथवा उपांशु जप करें। पंचोपचार पूजन अनिवार्य है। वाग्भव बीज (ऐं), कामराज बीज (क्लीं), और पराशक्ति बीज (सौः) पर ध्यान केंद्रित करें 13।
विशेष टिप्पणियाँ
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गुरु गोरखनाथ की दुहाई। रोग भागे, ज्वर सिधाए। शब्द सांचा, पीर मेरा पावना 13
dhyan mantraमनोजवं मारुततुल्यवेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम्। वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये॥
beej mantraश्रीं
kavach mantraनासिकां पातु मे लक्ष्मीः कमला पातु लोचनम् ॥ ॐ श्रीं पद्मालयायै स्वाहा वक्षः सदावतु ॥ पातु श्रीर्मम कंकालं बाहुयुग्मं च ते नमः ॥ ओम ह्रीम श्रीम लक्ष्मी नमः चिरकाल तक मेरे पैरों का पालन करें ओम ह्रीम श्रीम नमः पद्माए स्वाहा नितम भाग की रक्षा करें ओम श्रीम महालक्ष्मी स्वाहा मेरे सर्वांग की सदा रक्षा करें ओम ह्रीम श्रीम क्लीम महालक्ष्मी स्वाहा आद्या शक्ति महालक्ष्मी भक्तानुग्रहकारिणी धारके पाठके चैव निश्चला निवसे ध्रुवं तंत्रोक्तम लक्ष्मी कवच संपूर्ण ओम 31
kaamya mantraॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ।
gyan mantraवद वद वाग्वादिनी स्वाहा ॥