बाला त्रिपुर सुन्दरी तांत्रिक तांत्रिक मंत्र
ऐं क्लीं सौः
वाक्-सिद्धि, कुण्डलिनी जागरण, कामराज आकर्षण के माध्यम से सर्वजन वशीकरण और भौतिक कामनाओं की त्वरित पूर्ति 13।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
वाक्-सिद्धि, कुण्डलिनी जागरण, कामराज आकर्षण के माध्यम से सर्वजन वशीकरण और भौतिक कामनाओं की त्वरित पूर्ति 13।
इस मंत्र से क्या होगा?
वाक्-सिद्धि, कुण्डलिनी जागरण, कामराज आकर्षण के माध्यम से सर्वजन वशीकरण और भौतिक कामनाओं की त्वरित पूर्ति
जाप विधि
श्री विद्या परंपरा में गुरु से विधिवत दीक्षा प्राप्त करने के उपरांत श्रीयंत्र के सम्मुख पूर्ण स्पष्ट उच्चारण के साथ मानसिक अथवा उपांशु जप करें। पंचोपचार पूजन अनिवार्य है। वाग्भव बीज (ऐं), कामराज बीज (क्लीं), और पराशक्ति बीज (सौः) पर ध्यान केंद्रित करें 13।
विशेष टिप्पणियाँ
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ओम कलीम कामाख्या नजर तोड़े बंधन तोड़े बाधा तोड़े शत्रु की बुद्धि तोड़े ना तोड़े तो उमानंद भैरव की आन 17
kavach mantraपातु श्रवणे वासरेश्वर घ्राणं धर्म पातु पदन वेदवाहन जीवा मानद पातु कंठ में सुरवंदित स्कंद प्रभाकर पातु वक्ष पातु जन प्रिय पातु पाद द्वादशात्मा सर्व सर्वांग सकलेश्वर यक्ष गन्धर्व राक्षसाः ब्रह्मराक्षस वेतालाः क्षमा दूरा देव पलायंते तस्य संकीर्तना अज्ञात कवच दिव्य यो जपे सूर्य मंत्रम् सिद्धि जायते तस्य कल्पकोटि शतैरपि। इति श्री ब्रह्मयामले त्रैलोक्य मंगलम नाम सूर्य कवचम संपूर्णम। 15
ugra mantraॐ क्रीं क्रीं क्रीं हूं हूं ह्रीं ह्रीं भद्रकाल्यै क्रीं क्रीं क्रीं हूं हूं ह्रीं ह्रीं स्वाहा
jap mantraॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ स्वाहा
naam mantraअंगारक
siddh mantraॐ वज्रनखाय विद्महे तीक्ष्णदंष्ट्राय धीमहि तन्नो नृसिंहः प्रचोदयात् ॥