ज्ञान-तत्त्व / सवितृ देव (गायत्री विद्या) ज्ञान मंत्र
ॐ भूर्भुवः स्वः । तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि । धियो यो नः प्रचोदयात् ॥
संपूर्ण बुद्धि का प्रकटीकरण (Illumination of Intellect), मेधा-शक्ति की अपार वृद्धि और सत्य ज्ञान की प्रेरणा 10।
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यह मंत्र क्यों?
संपूर्ण बुद्धि का प्रकटीकरण (Illumination of Intellect), मेधा-शक्ति की अपार वृद्धि और सत्य ज्ञान की प्रेरणा 10।
इस मंत्र से क्या होगा?
संपूर्ण बुद्धि का प्रकटीकरण (Illumination of Intellect), मेधा-शक्ति की अपार वृद्धि और सत्य ज्ञान की प्रेरणा
जाप विधि
नित्य त्रिकाल संध्या में एकाग्रचित्त होकर जप 10।
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ॐ श्री रामः शरणं मम
kaamya mantraदेवि प्रसीद परिपालय नोऽरिभीतेर्नित्यं यथासुरवधादधुनैव सद्यः। पापानि सर्वजगतां प्रशमं नयाशु उत्पातपाकजनितांश्च महोपसर्गान्॥
vaidik mantraॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात् ॥
mool mantraॐ निर्ऋतये नमः
ugra mantraॐ ह्रीं ह्रीं ह्रीं असितांग भैरवाय नमः
shanti mantraॐ द्यौः शान्तिरन्तरिक्षं शान्तिः पृथिवी शान्तिरापः शान्तिरोषधयः शान्तिः । वनस्पतयः शान्तिर्विश्वेदेवाः शान्तिर्ब्रह्म शान्तिः सर्वं शान्तिः शान्तिरेव शान्तिः सा मा शान्तिरेधि ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥