भगवान हयग्रीव (मूल विद्या मंत्र) ज्ञान मंत्र
ॐ श्रीं ह्लौं ॐ नमो भगवते हयग्रीवाय विष्णवे मह्यं मेधां प्रज्ञां प्रयच्छ स्वाहा ॥
असाधारण प्रज्ञा, मेधा शक्ति और सर्वोच्च बौद्धिक समृद्धि की प्राप्ति 15।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
असाधारण प्रज्ञा, मेधा शक्ति और सर्वोच्च बौद्धिक समृद्धि की प्राप्ति 15।
इस मंत्र से क्या होगा?
असाधारण प्रज्ञा, मेधा शक्ति और सर्वोच्च बौद्धिक समृद्धि की प्राप्ति
जाप विधि
तुलसी या स्फटिक माला से २७ या १०८ बार नित्य जप (विशेषतः गुरुवार को) 15।
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