भगवान हयग्रीव (मन्त्रराज स्वरूप) ज्ञान मंत्र
ॐ अक्षरेस्वराय विद्महे मन्त्रराजाय धीमहि तन्नो हयग्रीवः प्रचोदयात् ॥
मंत्र-सिद्धि, कुशाग्रता और शास्त्रार्थ में अजेय ज्ञान की प्राप्ति 18।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
मंत्र-सिद्धि, कुशाग्रता और शास्त्रार्थ में अजेय ज्ञान की प्राप्ति 18।
इस मंत्र से क्या होगा?
मंत्र-सिद्धि, कुशाग्रता और शास्त्रार्थ में अजेय ज्ञान की प्राप्ति
जाप विधि
विद्याध्ययन से पूर्व या ध्यान के समय जप 18।
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