चंद्र नवग्रह मंत्र
ॐ निशाकराय विद्महे कलानाथाय धीमहि तन्नः सोमः प्रचोदयात्।
कला, संगीत और साहित्य के क्षेत्र में सफलता, भावनाओं के ज्वार पर नियंत्रण और व्यक्तित्व में आकर्षण वृद्धि हेतु। 16
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
कला, संगीत और साहित्य के क्षेत्र में सफलता, भावनाओं के ज्वार पर नियंत्रण और व्यक्तित्व में आकर्षण वृद्धि हेतु। 16
इस मंत्र से क्या होगा?
कला, संगीत और साहित्य के क्षेत्र में सफलता, भावनाओं के ज्वार पर नियंत्रण और व्यक्तित्व में आकर्षण वृद्धि हेतु
जाप विधि
शुक्ल पक्ष के सोमवार से पूर्णिमा तक नित्य एक सौ आठ बार जप। 16
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