ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
शुक्र

शुक्र नवग्रह मंत्र

ॐ भृगुसुताय विद्महे दिव्यदेहाय धीमहि तन्नः शुक्रः प्रचोदयात्।

दिव्य और निरोगी काया की प्राप्ति, त्वचा के रोगों से मुक्ति और व्यक्तित्व में चुंबकीय प्रभाव उत्पन्न करने हेतु। 16

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

जप काउंटर लोड हो रहा है...

प्रकारनवग्रह मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

दिव्य और निरोगी काया की प्राप्ति, त्वचा के रोगों से मुक्ति और व्यक्तित्व में चुंबकीय प्रभाव उत्पन्न करने हेतु। 16

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

दिव्य और निरोगी काया की प्राप्ति, त्वचा के रोगों से मुक्ति और व्यक्तित्व में चुंबकीय प्रभाव उत्पन्न करने हेतु

जाप विधि

नित्य सफेद आसन पर बैठकर इक्कीस बार मानसिक जप। 16

विशेष टिप्पणियाँ

इसे भी पढ़ें

अलग-अलग श्रेणियों से

हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें

kavach mantra

ऊरू रघूत्तमः पातु रक्षःकुलविनाशकृत्। जानुनी सेतुकृत् पातु जङ्घे दशमुखान्तकः। पादौ विभीषणश्रीदः पातु रामोऽखिलं वपुः। एतां रामबलोपेतां रक्षां यः सुकृती पठेत्। स चिरायुः सुखी पुत्री विजयी विनयी भवेत्। पातालभूतलव्योम- चारिणश्छद्मचारिणः। न द्रष्टुमपि शक्तास्ते रक्षितं रामनामभिः। रामेति रामभद्रेति रामचन्द्रेति वा स्मरन्। नरो न लिप्यते पापैर्भुक्तिं मुक्तिं च विन्दति। जगज्जैत्रैकमन्त्रेण रामनाम्नाभिरक्षितम्। यः कण्ठे धारयेत्तस्य करस्थाः सर्वसिद्धयः। वज्रपञ्जरनामेदं यो रामकवचं स्मरेत्। अव्याहताज्ञः सर्वत्र लभते जयमङ्गलम्। 34

shanti mantra

ॐ सह नाववतु । सह नौ भुनक्तु । सह वीर्यं करवावहै । तेजस्विनावधीतमस्तु मा विद्विषावहै ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥

kaamya mantra

ॐ ऐं ह्रीं श्रीं श्रीं नमो भगवति मम समृद्धौ ज्वल ज्वल मां सर्व सम्पदं देहि देहि मम अलक्ष्मीं नाशय नाशय फट् स्वाहा।

stotra mantra

पूतात्मा परमात्मा च मुक्तानां परमा गतिः । अव्ययः पुरुषः साक्षी क्षेत्रज्ञोऽक्षर एव च ॥ 12

beej mantra

क्लीं

dhyan mantra

मनोबुद्ध्यहङ्कारचित्तानि नाहं न च श्रोत्रजिह्वे न च घ्राणनेत्रे। न च व्योम भूमिर्न तेजो न वायुश्चिदानन्दरूपः शिवोऽहं शिवोऽहम्॥