शुक्र नवग्रह मंत्र
ॐ भृगुसुताय विद्महे दिव्यदेहाय धीमहि तन्नः शुक्रः प्रचोदयात्।
दिव्य और निरोगी काया की प्राप्ति, त्वचा के रोगों से मुक्ति और व्यक्तित्व में चुंबकीय प्रभाव उत्पन्न करने हेतु। 16
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
दिव्य और निरोगी काया की प्राप्ति, त्वचा के रोगों से मुक्ति और व्यक्तित्व में चुंबकीय प्रभाव उत्पन्न करने हेतु। 16
इस मंत्र से क्या होगा?
दिव्य और निरोगी काया की प्राप्ति, त्वचा के रोगों से मुक्ति और व्यक्तित्व में चुंबकीय प्रभाव उत्पन्न करने हेतु
जाप विधि
नित्य सफेद आसन पर बैठकर इक्कीस बार मानसिक जप। 16
विशेष टिप्पणियाँ
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vaidik mantraॐ त्वं नो अग्ने महोभिः पाहि विश्वस्या अरातेः । उत द्विषो मर्त्यस्य ॥