ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
शुक्र

शुक्र नवग्रह मंत्र

ॐ भृगुसुताय विद्महे दिव्यदेहाय धीमहि तन्नः शुक्रः प्रचोदयात्।

दिव्य और निरोगी काया की प्राप्ति, त्वचा के रोगों से मुक्ति और व्यक्तित्व में चुंबकीय प्रभाव उत्पन्न करने हेतु। 16

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

जप काउंटर लोड हो रहा है...

प्रकारनवग्रह मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

दिव्य और निरोगी काया की प्राप्ति, त्वचा के रोगों से मुक्ति और व्यक्तित्व में चुंबकीय प्रभाव उत्पन्न करने हेतु। 16

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

दिव्य और निरोगी काया की प्राप्ति, त्वचा के रोगों से मुक्ति और व्यक्तित्व में चुंबकीय प्रभाव उत्पन्न करने हेतु

जाप विधि

नित्य सफेद आसन पर बैठकर इक्कीस बार मानसिक जप। 16

विशेष टिप्पणियाँ

इसे भी पढ़ें

अलग-अलग श्रेणियों से

हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें

dhyan mantra

या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना। या ब्रह्माच्युतशङ्करप्रभृतिभिर्देवैः सदा पूजिता सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥

mool mantra

ॐ श्रीं ह्रीं सं सं ह्रीं श्रीं संकर्षणाय ॐ

stotra mantra

कमले कमलाक्ष वल्लभे त्वं करुणा पूर तरङ्गितैरपाङ्गैः । अवलोकय मामकिञ्चनानां प्रथमं पात्रमकृत्रिमं दयायाः ॥ 26

tantrik mantra

ॐ नाशय नाशय सर्व दुष्टं नाशय फट् स्वाहा अरुण वरुण माला लंकृता शंकराग्रे विद्रुत परसु शक्तिम पुष्प बाणुचापंम विविध फण फणंद्र भूषण भूषितंग शरबिलनाथं नौम्य सालुवे

jap mantra

ॐ ऐं महासरस्वत्यै नमः

vaidik mantra

ॐ त्वं नो अग्ने महोभिः पाहि विश्वस्या अरातेः । उत द्विषो मर्त्यस्य ॥