बुध नवग्रह मंत्र
ॐ ह्रां क्रीं टं ग्रहनाथाय बुधाय स्वाहा॥
तंत्रोक्त विद्याओं में तीव्र धारणा शक्ति (Memory), वाक्-सिद्धि (कही हुई बात का सत्य होना) और व्यापारिक सम्मोहन (ग्राहकों को आकर्षित करने की शक्ति) प्राप्त करने हेतु। 8
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
तंत्रोक्त विद्याओं में तीव्र धारणा शक्ति (Memory), वाक्-सिद्धि (कही हुई बात का सत्य होना) और व्यापारिक सम्मोहन (ग्राहकों को आकर्षित करने की शक्ति) प्राप्त करने हेतु। 8
इस मंत्र से क्या होगा?
तंत्रोक्त विद्याओं में तीव्र धारणा शक्ति (Memory), वाक्-सिद्धि (कही हुई बात का सत्य होना) और व्यापारिक सम्मोहन (ग्राहकों को आकर्षित करने की शक्ति) प्राप्त करने हेतु
जाप विधि
बुधवार के दिन हरे आसन पर उत्तर दिशा की ओर मुख करके भोजपत्र पर बने बुध यंत्र के समक्ष तुलसी माला से जप। 8
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ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः
sabar mantraधन जैसे चुंबक खींचे लोह गोरख की आज्ञा टले नहीं मिटे साधक का मोह कीड़ा जागे पिंगला जागे सुष्मना का खुले द्वार जब तीनों नाड़ी जागे धन आवे बारंबार जैसे गंगा बहे अविरल जैसे सूरज देत उजास वैसे मेरे घर में लक्ष्मी करे सदा ही वास रुका धन चले बंद धन खुले आवे चहुं ओर से धन गोरख का शब्द सांचा रे सांचा रे गुरु का मन काल का भी काल है गोरख तीनों लोक बसेरा जो गोरख का नाम ले साधक उसका होए उजेरा उठ उठ लक्ष्मी आव बैठ मेरे द्वार गोरख की आज्ञा लेकर आव कर मेरा उद्धार शब्द सांचा पिंड कांचा सांची गुरु की बानी हुकुम गोरखनाथ का चले यही नाथ की निशानी 5
ugra mantraओउम कालभैरवरूपाय त्रिनेत्राय महात्मने। प्रेतासनस्थितायैव खडगडमरूधारिणे।। जटाजूटधारी कराल वदनाय च। नमो नमः सदानंद भक्तवत्सल शम्भवे।। ओउम भं भैरवाय भीषणाय नखदंष्ट्राय विकर्तनाय। ताण्डवेशाय रक्तनेत्राय रक्षकाय शत्रुनाशकाय स्वाहा
naam mantraगणेश
dhyan mantraगुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुर्गुरुर्देवो महेश्वरः। गुरुरेव परंब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः॥
shanti mantraॐ द्यौः शान्तिरन्तरिक्षं शान्तिः पृथिवी शान्तिरापः शान्तिरोषधयः शान्तिः । वनस्पतयः शान्तिर्विश्वेदेवाः शान्तिर्ब्रह्म शान्तिः सर्वं शान्तिः शान्तिरेव शान्तिः सा मा शान्तिरेधि ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥