परब्रह्म स्वरूप सद्गुरु ध्यान मंत्र
गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुर्गुरुर्देवो महेश्वरः। गुरुरेव परंब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः॥
साधना में आने वाले अहंकार का नाश, गुरु के दिव्य मार्गदर्शन का आह्वान, तथा ध्यान के लिए आवश्यक मानसिक शुद्धता की प्राप्ति।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
साधना में आने वाले अहंकार का नाश, गुरु के दिव्य मार्गदर्शन का आह्वान, तथा ध्यान के लिए आवश्यक मानसिक शुद्धता की प्राप्ति।
इस मंत्र से क्या होगा?
साधना में आने वाले अहंकार का नाश, गुरु के दिव्य मार्गदर्शन का आह्वान, तथा ध्यान के लिए आवश्यक मानसिक शुद्धता की प्राप्ति
जाप विधि
ध्यान या साधना का प्रारंभ करते समय सबसे पहले आज्ञा चक्र (भ्रूमध्य) में गुरु का मानसिक ध्यान करें। गुरु को साक्षात ब्रह्मा, विष्णु और शिव मानकर मानसिक रूप से नमन करें।
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