भगवान श्री दत्तात्रेय भक्ति मंत्र
हरि ओम तत्सत जय गुरु दत्त
ईश्वरीय चेतना (तत्सत) के साथ स्वयं को जोड़ना, परोपकार की भावना जागृत करना, और गुरु दत्तात्रेय की प्रत्यक्ष कृपा व आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्राप्त करना 79।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
ईश्वरीय चेतना (तत्सत) के साथ स्वयं को जोड़ना, परोपकार की भावना जागृत करना, और गुरु दत्तात्रेय की प्रत्यक्ष कृपा व आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्राप्त करना 79।
इस मंत्र से क्या होगा?
ईश्वरीय चेतना (तत्सत) के साथ स्वयं को जोड़ना, परोपकार की भावना जागृत करना, और गुरु दत्तात्रेय की प्रत्यक्ष कृपा व आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्राप्त करना
जाप विधि
इस मंत्र का जप सवा महीने के संकल्प के साथ एक सिद्ध आसन पर बैठकर किया जाता है 79। सामने देसी घी का दीपक जलाकर और संभव हो तो धुनी (पवित्र अग्नि) रमाकर, पूर्ण सात्विक आहार (लहसुन-प्याज रहित) ग्रहण करते हुए रुद्राक्ष या स्फटिक की माला से इसका जप करना चाहिए 79।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
यां मेधां देवगणाः पितरश्चोपासते । तया मामद्य मेधयाऽग्ने मेधाविनं कुरु स्वाहा ॥
ugra mantraॐ स्त्रीं आं अक्षोभ्य स्वाहा
siddh mantraॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्म्यै नमः
naam mantraरमा
shanti mantraॐ पूर्णमदः पूर्णमिदं पूर्णात्पुर्णमुदच्यते । पूर्णस्य पूर्णमादाय पूर्णमेवावशिष्यते ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
tantrik mantraॐ श्रीं ग्लौं फट्