महा प्रत्यंगिरा देवी तांत्रिक तांत्रिक मंत्र
ॐ क्षं पक्ष ज्वाल जिव्हे कराल दंष्ट्रे प्रत्यंगिरे क्षं ह्रीं हुं फट्
घोर मारण अभिचार का शमन, बुरी शक्तियों से रक्षा और भयंकर तंत्र-मंत्र का शत्रु पर उलटा प्रहार (Reverse Black Magic) 62।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
घोर मारण अभिचार का शमन, बुरी शक्तियों से रक्षा और भयंकर तंत्र-मंत्र का शत्रु पर उलटा प्रहार (Reverse Black Magic) 62।
इस मंत्र से क्या होगा?
घोर मारण अभिचार का शमन, बुरी शक्तियों से रक्षा और भयंकर तंत्र-मंत्र का शत्रु पर उलटा प्रहार (Reverse Black Magic)
जाप विधि
यह अत्यंत उग्र साधना है जिसे रात्रि 10:30 बजे के पश्चात् ही किया जाता है। पूर्ण सिद्धि केवल श्मशान या ऐसे शिव मंदिर में की जाती है जहाँ कोई अन्य न हो। लाल या काले वस्त्र और रुद्राक्ष माला का प्रयोग अनिवार्य है। गुरु का मार्गदर्शन आवश्यक है 62।
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ग्रौं
kavach mantraपातु श्रवणे वासरेश्वर घ्राणं धर्म पातु पदन वेदवाहन जीवा मानद पातु कंठ में सुरवंदित स्कंद प्रभाकर पातु वक्ष पातु जन प्रिय पातु पाद द्वादशात्मा सर्व सर्वांग सकलेश्वर यक्ष गन्धर्व राक्षसाः ब्रह्मराक्षस वेतालाः क्षमा दूरा देव पलायंते तस्य संकीर्तना अज्ञात कवच दिव्य यो जपे सूर्य मंत्रम् सिद्धि जायते तस्य कल्पकोटि शतैरपि। इति श्री ब्रह्मयामले त्रैलोक्य मंगलम नाम सूर्य कवचम संपूर्णम। 15
ugra mantraॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं वज्र वैरोचनीये हूं हूं फट् स्वाहा
shanti mantraॐ द्यौः शान्तिरन्तरिक्षं शान्तिः पृथिवी शान्तिरापः शान्तिरोषधयः शान्तिः । वनस्पतयः शान्तिर्विश्वेदेवाः शान्तिर्ब्रह्म शान्तिः सर्वं शान्तिः शान्तिरेव शान्तिः सा मा शान्तिरेधि ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
navgrah mantraॐ प्रभाकराय विद्महे दिवाकराय धीमहि तन्नः सूर्यः प्रचोदयात्।
sabar mantraओम नमो भूत प्रेत पिशाच दुष्ट दृष्टि विनाशाय ओम क्लीम स्वाहा 27