ललिता त्रिपुर सुन्दरी (पञ्चदशी) तांत्रिक तांत्रिक मंत्र
क ए ई ल ह्रीं ह स क ह ल ह्रीं स क ल ह्रीं
मोक्ष (कैवल्य) की प्राप्ति, ब्रह्मांडीय चेतना (ब्रह्म) से एकीकरण, और संपूर्ण आध्यात्मिक व भौतिक ऐश्वर्य की सर्वोच्च सिद्धि 19।
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यह मंत्र क्यों?
मोक्ष (कैवल्य) की प्राप्ति, ब्रह्मांडीय चेतना (ब्रह्म) से एकीकरण, और संपूर्ण आध्यात्मिक व भौतिक ऐश्वर्य की सर्वोच्च सिद्धि 19।
इस मंत्र से क्या होगा?
मोक्ष (कैवल्य) की प्राप्ति, ब्रह्मांडीय चेतना (ब्रह्म) से एकीकरण, और संपूर्ण आध्यात्मिक व भौतिक ऐश्वर्य की सर्वोच्च सिद्धि
जाप विधि
गुरु-दीक्षा के पश्चात पञ्चदशी मंत्र को तीन कूटों में विभक्त कर जपा जाता है। वाग्भव कूट, कामराज कूट (अनाहत से आज्ञा चक्र तक करोड़ों सूर्यों की चमक के समान ध्यान), और शक्ति कूट (कमर से पैरों तक करोड़ों चंद्रमाओं की चमक के समान ध्यान)। इसे कुल 31 मात्राओं में बिना किसी त्रुटि के उच्चारित किया जाना चाहिए। पञ्चदशी मंत्र का एक चक्र पूर्ण गायत्री मंत्र के तीन चक्रों के समतुल्य है 13।
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