पाशुपतास्त्र (भगवान शिव) तांत्रिक तांत्रिक मंत्र
ॐ नमो महा पाशुपतास्त्राय स्मरण मात्रेण प्रकटय प्रकटय शीघ्रं आगच्छ आगच्छ मम सर्व शत्रु सैन्यं विध्वंसय विध्वंसय मारय मारय हुं फट्
अघोर शत्रुओं का संहार, ईर्ष्या/बुरी नज़र से रक्षा, और जीवन के महा-संघर्षों में विजय 45।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
अघोर शत्रुओं का संहार, ईर्ष्या/बुरी नज़र से रक्षा, और जीवन के महा-संघर्षों में विजय 45।
इस मंत्र से क्या होगा?
अघोर शत्रुओं का संहार, ईर्ष्या/बुरी नज़र से रक्षा, और जीवन के महा-संघर्षों में विजय
जाप विधि
रुद्राक्ष माला से पूर्ण एकाग्रता, आंतरिक शुद्धता और शिव के महाविनाशक स्वरूप के ध्यान के साथ जप करें 45।
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ॐ रां राहवे नमः
sabar mantraओम चौकी हनुमत वीर की बाण ध्वजा फहराए मारू मारू मारुत सुत मुष्टिक शत्रु नसाय मेरे इष्ट रामचंद्र जी अगुवा हनुमंता वीर चौकी सुदर्शन चक्र की रक्षा करें शरीर टोना ब्रह्म भूत प्रेत संग डाईन डाकिनी सांप बिच्छू चोर बट सब कुछ निष्फल जाई 6
siddh mantraॐ धूं धूं धूमावती स्वाहा
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dhyan mantraगुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुर्गुरुर्देवो महेश्वरः। गुरुरेव परंब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः॥
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