पाशुपतास्त्र (भगवान शिव) तांत्रिक तांत्रिक मंत्र
ॐ नमो महा पाशुपतास्त्राय स्मरण मात्रेण प्रकटय प्रकटय शीघ्रं आगच्छ आगच्छ मम सर्व शत्रु सैन्यं विध्वंसय विध्वंसय मारय मारय हुं फट्
अघोर शत्रुओं का संहार, ईर्ष्या/बुरी नज़र से रक्षा, और जीवन के महा-संघर्षों में विजय 45।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
अघोर शत्रुओं का संहार, ईर्ष्या/बुरी नज़र से रक्षा, और जीवन के महा-संघर्षों में विजय 45।
इस मंत्र से क्या होगा?
अघोर शत्रुओं का संहार, ईर्ष्या/बुरी नज़र से रक्षा, और जीवन के महा-संघर्षों में विजय
जाप विधि
रुद्राक्ष माला से पूर्ण एकाग्रता, आंतरिक शुद्धता और शिव के महाविनाशक स्वरूप के ध्यान के साथ जप करें 45।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
ॐ ह्रीं ऐं भगवती मतंगेश्वरी श्रीं स्वाहा:
sabar mantraओम गुरु जी शिव बैठे कैलाश विष्णु बैठे बैकुंठ मेरी भक्ति शिव की शक्ति पूजू अमुक देव मनाऊं तो आवे ना आवे तो दुहाई शिव शंकर की दुहाई माता काली की दुहाई गुरु गोरखनाथ की 1
siddh mantraॐ हर महेश्वरः शूल पाणी पिनक द्रिक पशुपती शिव महादेव नमः शिवाय ॥
naam mantraसविता
jap mantraॐ श्रीं क्लीं ह्रीं सप्तशति चण्डिके उत्कीलनं कुरु कुरु स्वाहा
navgrah mantraॐ शीतप्रभाय विद्महे षोडशकलाय धीमहि तन्नः सोमः प्रचोदयात्।