पाशुपतास्त्र (भगवान शिव) तांत्रिक तांत्रिक मंत्र
ॐ नमो महा पाशुपतास्त्राय स्मरण मात्रेण प्रकटय प्रकटय शीघ्रं आगच्छ आगच्छ मम सर्व शत्रु सैन्यं विध्वंसय विध्वंसय मारय मारय हुं फट्
अघोर शत्रुओं का संहार, ईर्ष्या/बुरी नज़र से रक्षा, और जीवन के महा-संघर्षों में विजय 45।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
अघोर शत्रुओं का संहार, ईर्ष्या/बुरी नज़र से रक्षा, और जीवन के महा-संघर्षों में विजय 45।
इस मंत्र से क्या होगा?
अघोर शत्रुओं का संहार, ईर्ष्या/बुरी नज़र से रक्षा, और जीवन के महा-संघर्षों में विजय
जाप विधि
रुद्राक्ष माला से पूर्ण एकाग्रता, आंतरिक शुद्धता और शिव के महाविनाशक स्वरूप के ध्यान के साथ जप करें 45।
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