ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
भगवान श्री कृष्ण

भगवान श्री कृष्ण भक्ति मंत्र

गोविन्द हरे गोपाल हरे, हे प्रभु दीन दयाला

भगवान की दीन-दयाल वृत्ति को पुकारकर सांसारिक कष्टों से सुरक्षा मांगना, अहंकार का पूर्ण त्याग करना और ईश्वर के चरणों में दीनता के साथ शरणागति स्वीकार करना 16।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

जप काउंटर लोड हो रहा है...

प्रकारभक्ति मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

भगवान की दीन-दयाल वृत्ति को पुकारकर सांसारिक कष्टों से सुरक्षा मांगना, अहंकार का पूर्ण त्याग करना और ईश्वर के चरणों में दीनता के साथ शरणागति स्वीकार करना 16।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

भगवान की दीन-दयाल वृत्ति को पुकारकर सांसारिक कष्टों से सुरक्षा मांगना, अहंकार का पूर्ण त्याग करना और ईश्वर के चरणों में दीनता के साथ शरणागति स्वीकार करना

जाप विधि

यह आर्त भाव (पुकारने की अवस्था) का मंत्र है जिसे विपत्ति के समय या नित्य प्रार्थना में करुणापूर्ण स्वर में गाया या जपा जाता है 16। इसे उपांशु जप (जिसमें केवल होंठ हिलें) के माध्यम से जपना मन को शीघ्र शांत करता है 1।

विशेष टिप्पणियाँ

इसे भी पढ़ें

अलग-अलग श्रेणियों से

हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें

sabar mantra

ओम नमो महादेवी सर्व कार्य सिद्धि करनी जो पाती पूरे ब्रह्मा विष्णु महेश तीनों देवन मेरी भक्ति गुरु की शक्ति श्री गुरु गोरखनाथ की दुहाई फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा 3

kavach mantra

पातु श्रवणे वासरेश्वर घ्राणं धर्म पातु पदन वेदवाहन जीवा मानद पातु कंठ में सुरवंदित स्कंद प्रभाकर पातु वक्ष पातु जन प्रिय पातु पाद द्वादशात्मा सर्व सर्वांग सकलेश्वर यक्ष गन्धर्व राक्षसाः ब्रह्मराक्षस वेतालाः क्षमा दूरा देव पलायंते तस्य संकीर्तना अज्ञात कवच दिव्य यो जपे सूर्य मंत्रम् सिद्धि जायते तस्य कल्पकोटि शतैरपि। इति श्री ब्रह्मयामले त्रैलोक्य मंगलम नाम सूर्य कवचम संपूर्णम। 15

ugra mantra

ॐ ह्रीं ऐं भगवती मतंगेश्वरी श्रीं स्वाहा:

tantrik mantra

ॐ सहस्रार हुं फट्

naam mantra

गुरु

jap mantra

ॐ स्रां स्रीं स्रौं सः केतवे नमः