भगवान श्री गणेश भक्ति मंत्र
गणेश शरणं शरणं गणेश
भगवान गणेश के चरणों में पूर्ण शरणागति, अहंकार का त्याग और ईश्वरीय संरक्षण व निर्विघ्नता की साक्षात अनुभूति प्राप्त करना 17।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
भगवान गणेश के चरणों में पूर्ण शरणागति, अहंकार का त्याग और ईश्वरीय संरक्षण व निर्विघ्नता की साक्षात अनुभूति प्राप्त करना 17।
इस मंत्र से क्या होगा?
भगवान गणेश के चरणों में पूर्ण शरणागति, अहंकार का त्याग और ईश्वरीय संरक्षण व निर्विघ्नता की साक्षात अनुभूति प्राप्त करना
जाप विधि
यह एक अत्यंत सरल संकीर्तन व भाव-मंत्र है, जिसे बिना किसी माला के केवल भाव-जप के रूप में जपा जाता है 17। इसे कीर्तन के समय या किसी भी कठिन परिस्थिति में मानसिक रूप से निरंतर जपा जा सकता है 4।
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