भगवान श्री नरसिंह भक्ति मंत्र
ॐ नमो नारसिंहाय
यह मंत्र हृदय से हर प्रकार के लौकिक और अलौकिक भय को दूर कर साधक में साहस और आध्यात्मिक अनुशासन उत्पन्न करता है 74। लंबी अवधि तक जपने से यह आत्मा की मुक्ति और भगवान के प्रति शुद्ध प्रेम और भक्ति प्रदान
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
यह मंत्र हृदय से हर प्रकार के लौकिक और अलौकिक भय को दूर कर साधक में साहस और आध्यात्मिक अनुशासन उत्पन्न करता है 74। लंबी अवधि तक जपने से यह आत्मा की मुक्ति और भगवान के प्रति शुद्ध प्रेम और भक्ति प्रदान करता है 74।
इस मंत्र से क्या होगा?
यह मंत्र हृदय से हर प्रकार के लौकिक और अलौकिक भय को दूर कर साधक में साहस और आध्यात्मिक अनुशासन उत्पन्न करता है 74
लंबी अवधि तक जपने से यह आत्मा की मुक्ति और भगवान के प्रति शुद्ध प्रेम और भक्ति प्रदान करता है
जाप विधि
इस मूल मंत्र का जप पूर्ण पवित्रता के साथ शांत और एकांत स्थान पर बैठकर किया जाना चाहिए 74। तुलसी की माला का उपयोग कर नियमित रूप से प्रतिदिन एक निश्चित संख्या में पूर्ण ध्यान केंद्रित करते हुए मानसिक या उपांशु (अत्यंत धीमे स्वर में) जप करें 74।
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ॐ ह्रीं क्लीं हूं मातंग्यै फट् स्वाहा
kavach mantraपातु श्रवणे वासरेश्वर घ्राणं धर्म पातु पदन वेदवाहन जीवा मानद पातु कंठ में सुरवंदित स्कंद प्रभाकर पातु वक्ष पातु जन प्रिय पातु पाद द्वादशात्मा सर्व सर्वांग सकलेश्वर यक्ष गन्धर्व राक्षसाः ब्रह्मराक्षस वेतालाः क्षमा दूरा देव पलायंते तस्य संकीर्तना अज्ञात कवच दिव्य यो जपे सूर्य मंत्रम् सिद्धि जायते तस्य कल्पकोटि शतैरपि। इति श्री ब्रह्मयामले त्रैलोक्य मंगलम नाम सूर्य कवचम संपूर्णम। 15
beej mantraस्रीं
dhyan mantraसोऽहम्
sabar mantraकाल भैरव का जो नाम ले नर नारी उसके लिए मूठ कभी ना पड़े भारी जय जय काल भैरव देव मूठ चली हवा बनकर काल भैरव चले ढाल बनकर अष्ट हाथ भैरव जी के फैले काट दी जड़ मूठ की चढ़ा दी आकाश नीचे काटी ऊपर काटी काट दी पाताल में 11
jap mantraॐ उलटत नरसिंह पलटत काया एहिले नरसिंह तोहे बुलाया जो मोर नाम करत सो मरत परत भैरव चक्कर में उल्टी वेद उसी को लागे कार दुहाई बड़े वीर नरसिंह की दुहाई कामरो कामाख्या देवी की दुहाई अष्टभुज देवी कालिका की दुहाई शिव सतगुरु के बंदे पायो