माता सरस्वती भक्ति मंत्र
ॐ श्री सरस्वत्यै नमः
यह मंत्र अज्ञानता के अंधकार का नाश करता है, बुद्धि, स्मृति और एकाग्रता को कुशाग्र करता है, और साधक के भीतर आत्मिक ज्ञान एवं ईश्वरीय प्रेम का प्रकाश उत्पन्न करता है 57।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
यह मंत्र अज्ञानता के अंधकार का नाश करता है, बुद्धि, स्मृति और एकाग्रता को कुशाग्र करता है, और साधक के भीतर आत्मिक ज्ञान एवं ईश्वरीय प्रेम का प्रकाश उत्पन्न करता है 57।
इस मंत्र से क्या होगा?
यह मंत्र अज्ञानता के अंधकार का नाश करता है, बुद्धि, स्मृति और एकाग्रता को कुशाग्र करता है, और साधक के भीतर आत्मिक ज्ञान एवं ईश्वरीय प्रेम का प्रकाश उत्पन्न करता है
जाप विधि
श्वेत वस्त्र धारण कर, स्फटिक या रुद्राक्ष की माला का उपयोग करते हुए प्रातः काल इस मंत्र का जप करना चाहिए 45। जप करते समय माता सरस्वती के विद्यादायिनी, श्वेत कमल पर विराजमान स्वरूप का मानसिक ध्यान (मानस जप) करना अत्यंत प्रभावशाली है 4।
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sabar mantraक्रिम कामाख्या माई निज भैरव के संग आई देवे मनोवांछित सिद्धि पूरे सब कामना लेवे अडहुल का फूल सब स्त्री तोरा रूप मनसा पूरो माई तो शंकर की दुहाई क्रिंग क्रिंग क्रीम 18
kavach mantraक्रीं कालिकायै स्वाहा मम नाभिं सदावतु ॥ ह्रीं कालिकायै स्वाहा मम पृष्ठं सदावतु । रक्तबीजविनाशिन्यै स्वाहा हस्तौ सदावतु ॥ नीलुत्वल दलश्यामा शत्रु संघ विदारणी नरमुंड तथा खगम कमलम च वरम तथा निर्भयाम रक्त बदनाम दस्ताली घोर रूपणी शवासनताम काली मुंडमाला विभूषिताम सर्वाङ्गं पातु मे देवी सर्व संपत् करे शुभे सर्व देव स्तु ते देवी कालिके तवाम नमाम यहम 23
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