माता भगवती दुर्गा भक्ति मंत्र
ॐ श्री दुर्गायै नमः
यह मंत्र आंतरिक भय, अकारण चिंता और सांसारिक बाधाओं को समूल नष्ट करता है 1। यह साधक को अपार आत्मिक बल प्रदान कर भगवती दुर्गा के चरणों में शुद्ध भक्ति एवं मातृ-प्रेम उत्पन्न करता है 1।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
यह मंत्र आंतरिक भय, अकारण चिंता और सांसारिक बाधाओं को समूल नष्ट करता है 1। यह साधक को अपार आत्मिक बल प्रदान कर भगवती दुर्गा के चरणों में शुद्ध भक्ति एवं मातृ-प्रेम उत्पन्न करता है 1।
इस मंत्र से क्या होगा?
यह मंत्र आंतरिक भय, अकारण चिंता और सांसारिक बाधाओं को समूल नष्ट करता है 1
यह साधक को अपार आत्मिक बल प्रदान कर भगवती दुर्गा के चरणों में शुद्ध भक्ति एवं मातृ-प्रेम उत्पन्न करता है
जाप विधि
शाक्त परंपरा में इस देवी नाम-मंत्र का जप लाल चंदन, स्फटिक या रुद्राक्ष की माला से किया जाना चाहिए 45। साधक को ब्रह्म मुहूर्त में या गोधूलि वेला में एकांत में लाल आसन पर बैठकर, माता दुर्गा के सौम्य और अभय प्रदान करने वाले अष्टभुजा रूप का ध्यान करते हुए, पूर्ण पवित्रता के साथ १०८ बार मानसिक या वाचिक जप करना चाहिए 1।
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