भगवान श्री विष्णु (सामान्य स्वरूप) भक्ति मंत्र
ॐ श्री कृष्णाय नमः
भगवान को साष्टांग प्रणाम व पूर्ण शरणागति प्रस्तुत करना, जीवन में उच्च ऊर्जा, सत्य, प्रेम और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा प्राप्त करना, और चित्त की असीम एकाग्रता सिद्ध करना 13।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
भगवान को साष्टांग प्रणाम व पूर्ण शरणागति प्रस्तुत करना, जीवन में उच्च ऊर्जा, सत्य, प्रेम और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा प्राप्त करना, और चित्त की असीम एकाग्रता सिद्ध करना 13।
इस मंत्र से क्या होगा?
भगवान को साष्टांग प्रणाम व पूर्ण शरणागति प्रस्तुत करना, जीवन में उच्च ऊर्जा, सत्य, प्रेम और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा प्राप्त करना, और चित्त की असीम एकाग्रता सिद्ध करना
जाप विधि
यह एक अत्यंत सरल मूल मंत्र है जिसे तुलसी या चंदन की माला पर प्रतिदिन प्रातः काल स्नानादि से निवृत्त होकर जपा जाना चाहिए 8। मेरुदंड सीधा रखते हुए भगवान के आनंदमय स्वरूप का ध्यान कर वाचिक (स्पष्ट उच्चारण) या मानसिक (मौन) जप करें 4।
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