धूमावती तांत्रिक तांत्रिक मंत्र
ॐ धूं धूं धूमावती ठ: ठ: ठ: स्वाहा
दुर्भाग्य और मानसिक अवसाद का नाश, अघोर तंत्र बाधा से रक्षा, मारण और शत्रुओं का उच्चाटन 27।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
दुर्भाग्य और मानसिक अवसाद का नाश, अघोर तंत्र बाधा से रक्षा, मारण और शत्रुओं का उच्चाटन 27।
इस मंत्र से क्या होगा?
दुर्भाग्य और मानसिक अवसाद का नाश, अघोर तंत्र बाधा से रक्षा, मारण और शत्रुओं का उच्चाटन
जाप विधि
प्रातः काल भोर (dawn) अथवा संध्या (dusk) के समय एकांत में आसन पर बैठकर रुद्राक्ष की माला से 108 बार नित्य जप करें। इस मंत्र के साथ देवी के श्याम और उग्र (विधवा) स्वरूप का ध्यान किया जाता है 27।
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ॐ धूं धूं धूमावती स्वाहा
sabar mantraओम चौकी हनुमत वीर की बाण ध्वजा फहराए मारू मारू मारुत सुत मुष्टिक शत्रु नसाय मेरे इष्ट रामचंद्र जी अगुवा हनुमंता वीर चौकी सुदर्शन चक्र की रक्षा करें शरीर टोना ब्रह्म भूत प्रेत संग डाईन डाकिनी सांप बिच्छू चोर बट सब कुछ निष्फल जाई 6
navgrah mantraॐ कया नश्चित्र आ भुवदूती सदावृध: सखा। कया शचिष्ठया वृता।।
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dhyan mantraमनोबुद्ध्यहङ्कारचित्तानि नाहं न च श्रोत्रजिह्वे न च घ्राणनेत्रे। न च व्योम भूमिर्न तेजो न वायुश्चिदानन्दरूपः शिवोऽहं शिवोऽहम्॥
naam mantraकपीश