धूमावती तांत्रिक तांत्रिक मंत्र
ॐ धूं धूं धूमावती ठ: ठ: ठ: स्वाहा
दुर्भाग्य और मानसिक अवसाद का नाश, अघोर तंत्र बाधा से रक्षा, मारण और शत्रुओं का उच्चाटन 27।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
दुर्भाग्य और मानसिक अवसाद का नाश, अघोर तंत्र बाधा से रक्षा, मारण और शत्रुओं का उच्चाटन 27।
इस मंत्र से क्या होगा?
दुर्भाग्य और मानसिक अवसाद का नाश, अघोर तंत्र बाधा से रक्षा, मारण और शत्रुओं का उच्चाटन
जाप विधि
प्रातः काल भोर (dawn) अथवा संध्या (dusk) के समय एकांत में आसन पर बैठकर रुद्राक्ष की माला से 108 बार नित्य जप करें। इस मंत्र के साथ देवी के श्याम और उग्र (विधवा) स्वरूप का ध्यान किया जाता है 27।
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bhakti mantraराम राम
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kaamya mantraॐ नमो भगवते दक्षिणामूर्तये मह्यं मेधां प्रज्ञां प्रयच्छ स्वाहा।
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