कमला (कमलात्मिका) तांत्रिक तांत्रिक मंत्र
ॐ ऐं ह्रीं श्रीं क्लीं हसौः जगत्प्रसूत्यै नमः
दरिद्रता का समूल नाश, अष्ट ऐश्वर्य, परम वैभव और तंत्र-लक्ष्मी की प्राप्ति 38।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
दरिद्रता का समूल नाश, अष्ट ऐश्वर्य, परम वैभव और तंत्र-लक्ष्मी की प्राप्ति 38।
इस मंत्र से क्या होगा?
दरिद्रता का समूल नाश, अष्ट ऐश्वर्य, परम वैभव और तंत्र-लक्ष्मी की प्राप्ति
जाप विधि
रात्रि 10 बजे के बाद अनुष्ठान प्रारंभ करें। लाल ऊनी आसन पर लाल वस्त्र धारण कर पद्मासन में बैठें। कमलगट्टे या स्फटिक की माला से न्यूनतम 108 बार नित्य जप और पंचोपचार पूजन करें। लाल पुष्प देवी को अत्यंत प्रिय हैं 38।
विशेष टिप्पणियाँ
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ॐ ऐं ह्रीं श्रीं क्लीं ह्सौः जगत्प्रसूत्यै नमः ॥
mool mantraॐ सोमाय स्वाहा
gyan mantraअयमात्मा ब्रह्म
jap mantraॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः
kaamya mantraऐं श्रीं ह्रीं क्लीं॥
kavach mantraसकलायुध सम्पूर्ण निखिलाङ्ग सुदर्शन यदम कवच दिव्यम परमानंद दायिनं सौदर्शन यो सदा शुद्ध पठे नरह तस्या सिद्धि विपुला करस्था भवति ध्रुवं कोष्माण्ड चण्ड भूता ये दुष्टा ग्रहा स्मृता पलायन्ते निशंभीता वर्मनोस्य प्रभावतः कुष्ठा पस्मा गुलमा व्याध कर्म हेतुका नश्य तन मंत्रिता भूपाना सप्त दिनावधी अनेन मन्त्रिता मृतानां तुलसी मूल संस्थितां ललाटे तिलकं कृत्वा मोहये त्रिजगन्नरः। 17