ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
बटुक भैरव (प्रत्यक्ष सिद्धि मूल मंत्र)

बटुक भैरव (प्रत्यक्ष सिद्धि मूल मंत्र) मूल मंत्र

ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय

भगवान भैरव की प्रत्यक्ष कृपा व सिद्धि प्राप्त करना, जीवन के सभी संकटों से त्वरित मुक्ति एवं तंत्र बाधाओं का निराकरण 8।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारमूल मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

भगवान भैरव की प्रत्यक्ष कृपा व सिद्धि प्राप्त करना, जीवन के सभी संकटों से त्वरित मुक्ति एवं तंत्र बाधाओं का निराकरण 8।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

भगवान भैरव की प्रत्यक्ष कृपा व सिद्धि प्राप्त करना, जीवन के सभी संकटों से त्वरित मुक्ति एवं तंत्र बाधाओं का निराकरण

जाप विधि

नाम जप (जैसे 'ॐ भैरवाय नमः') की ५ लाख संख्या पूर्ण होने के पश्चात् इस मूल मंत्र का जप रुद्राक्ष की माला पर प्रारंभ किया जाना चाहिए, जिससे देवता से सीधा संपर्क स्थापित होता है 8।

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