बटुक भैरव (प्रत्यक्ष सिद्धि मूल मंत्र) मूल मंत्र
ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय
भगवान भैरव की प्रत्यक्ष कृपा व सिद्धि प्राप्त करना, जीवन के सभी संकटों से त्वरित मुक्ति एवं तंत्र बाधाओं का निराकरण 8।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
भगवान भैरव की प्रत्यक्ष कृपा व सिद्धि प्राप्त करना, जीवन के सभी संकटों से त्वरित मुक्ति एवं तंत्र बाधाओं का निराकरण 8।
इस मंत्र से क्या होगा?
भगवान भैरव की प्रत्यक्ष कृपा व सिद्धि प्राप्त करना, जीवन के सभी संकटों से त्वरित मुक्ति एवं तंत्र बाधाओं का निराकरण
जाप विधि
नाम जप (जैसे 'ॐ भैरवाय नमः') की ५ लाख संख्या पूर्ण होने के पश्चात् इस मूल मंत्र का जप रुद्राक्ष की माला पर प्रारंभ किया जाना चाहिए, जिससे देवता से सीधा संपर्क स्थापित होता है 8।
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