परशुराम अवतार मूल मंत्र
ॐ राम राम ॐ राम राम परशु हस्ताय नमः
शत्रुओं पर पूर्ण विजय, अदम्य साहस एवं पराक्रम की प्राप्ति, भौतिक संपदा की वृद्धि, वाणी के दोषों का शमन एवं बौद्धिक क्षमता का तीव्र विकास 21।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
शत्रुओं पर पूर्ण विजय, अदम्य साहस एवं पराक्रम की प्राप्ति, भौतिक संपदा की वृद्धि, वाणी के दोषों का शमन एवं बौद्धिक क्षमता का तीव्र विकास 21।
इस मंत्र से क्या होगा?
शत्रुओं पर पूर्ण विजय, अदम्य साहस एवं पराक्रम की प्राप्ति, भौतिक संपदा की वृद्धि, वाणी के दोषों का शमन एवं बौद्धिक क्षमता का तीव्र विकास
जाप विधि
प्रातः सूर्योदय के समय या प्रदोष काल में उत्तर दिशा की ओर मुख करके तुलसी या चंदन की माला से १०८ बार (लगातार ४५ दिनों तक) जप करें 21।
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श्रीम क्लीम सरस्वती बुद्ध जन्य स्वाहा सततम मंत्र राजोयम दक्षिणे मां सदावतु ऐम ह्रीम श्रीम क्लीम त्र्यक्षरो मंत्रो नैऋत्यम सर्वदावतु ओम ऐकवासिन्य स्वाहा मां वारुणेवतु ओम सर्वांबिकाय स्वाहा वायव्यमा सदावतु ओम ऐम श्रीम क्लीम गद्यवासिन्य स्वाहा माम उत्तरेवतु ऐम सर्वशास्त्र वासिन्ये स्वाहान्य सदा ओम ह्रीम सर्व पूजिता स्वाहा चोरध्वं सदावतु ओम ह्रीम पुस्तक वासिन्य स्वाहा धोमांम सदावतु ओम ग्रंथ बीज स्वरूपाय स्वाहा मां सर्वतो वतु इति कथित विप्र ब्राह्म मंत्र विग्रहम इदम विश्व जयं नाम कवचम ब्रह्म रूपकम पंचलक्ष जपे नैव सिद्धमु कवचम भवे यदि सिद्ध कवचो बृहस्पति समो भवे महा वाग्मी कविंद्र त्रैलोक्य विजयी भवेत 27
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beej mantraग्लौं
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