भगवान कार्तिकेय (तांत्रिक बीज युक्त मंत्र) मूल मंत्र
ॐ सौं शरवणभवाय श्रीं ह्रीं क्लीं क्लौं सौं नमः
सभी प्रकार के भयों का शमन, शत्रुओं पर अजेय विजय, आध्यात्मिक मुक्ति (मोक्ष) एवं कालसर्प दोष से राहत 45।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
सभी प्रकार के भयों का शमन, शत्रुओं पर अजेय विजय, आध्यात्मिक मुक्ति (मोक्ष) एवं कालसर्प दोष से राहत 45।
इस मंत्र से क्या होगा?
सभी प्रकार के भयों का शमन, शत्रुओं पर अजेय विजय, आध्यात्मिक मुक्ति (मोक्ष) एवं कालसर्प दोष से राहत
जाप विधि
कार्तिकेय यंत्र के समक्ष घी का दीपक प्रज्वलित कर रुद्राक्ष की माला से निष्ठापूर्वक १०८ बार जप करें। मोक्ष प्राप्ति हेतु इसे अत्यधिक संख्या (एक करोड़ बार) जपने का विधान वर्णित है 46।
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