नवदुर्गा / चण्डी (नवार्ण) जप मंत्र
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे
अपार शक्ति की प्राप्ति, सर्व प्रकार के संकटों का नाश, और भौतिक इच्छाओं के साथ मोक्ष की सिद्धि। 45
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
अपार शक्ति की प्राप्ति, सर्व प्रकार के संकटों का नाश, और भौतिक इच्छाओं के साथ मोक्ष की सिद्धि। 45
इस मंत्र से क्या होगा?
अपार शक्ति की प्राप्ति, सर्व प्रकार के संकटों का नाश, और भौतिक इच्छाओं के साथ मोक्ष की सिद्धि
जाप विधि
१०८ बार, रुद्राक्ष या रक्त चंदन की माला, नवरात्रि या नित्य प्रति साधना। 29
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आ मां मेधा सुरभिर्विश्वरुपा हिरण्यवर्णा जगती जगम्या । ऊर्जस्वती पयसा पिन्वमाना सा मां मेधा सुप्रतीका जुषन्ताम् ॥
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dhyan mantraसोऽहम्
ugra mantraॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरू कुरू बटुकाय ह्रीं ॐ