ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
नवदुर्गा / चण्डी (नवार्ण)

नवदुर्गा / चण्डी (नवार्ण) जप मंत्र

ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे

अपार शक्ति की प्राप्ति, सर्व प्रकार के संकटों का नाश, और भौतिक इच्छाओं के साथ मोक्ष की सिद्धि। 45

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारजप मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

अपार शक्ति की प्राप्ति, सर्व प्रकार के संकटों का नाश, और भौतिक इच्छाओं के साथ मोक्ष की सिद्धि। 45

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

अपार शक्ति की प्राप्ति, सर्व प्रकार के संकटों का नाश, और भौतिक इच्छाओं के साथ मोक्ष की सिद्धि

जाप विधि

१०८ बार, रुद्राक्ष या रक्त चंदन की माला, नवरात्रि या नित्य प्रति साधना। 29

विशेष टिप्पणियाँ

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