ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
भगवती चण्डिका

भगवती चण्डिका काम्य मंत्र

या श्रीः स्वयं सुकृतिनां भवनेष्वलक्ष्मीः पापात्मनां कृतधियां हृदयेषु बुद्धिः। श्रद्धा सतां कुलजनप्रभवस्य लज्जा तां त्वां नताः स्म परिपालय देवि विश्वम्॥

विश्व की रक्षा, सर्वत्र सुरक्षा और घोर आपदाओं से समाज की रक्षा 28।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारकाम्य मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

विश्व की रक्षा, सर्वत्र सुरक्षा और घोर आपदाओं से समाज की रक्षा 28।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

विश्व की रक्षा, सर्वत्र सुरक्षा और घोर आपदाओं से समाज की रक्षा

जाप विधि

श्री दुर्गा सप्तशती के प्रत्येक श्लोक के आदि और अंत में इस मंत्र का सम्पुट लगाकर १४०० बार पाठ करें 28।

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